TRENDING TAGS :
CM हेमंत सोरेन की बढ़ी टेंशन! बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए गए हैं।
Hemant Soren Money Laundering Case: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फिलहाल हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।
हेमंत सोरेन ने विशेष पीएमएलए कोर्ट में उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। इस याचिका पर 29 सितंबर को आंशिक सुनवाई हुई थी। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति मनोज प्रसाद की पीठ ने बुधवार, 30 सितंबर को दोपहर 2:15 बजे मामले की विस्तृत सुनवाई तय की थी।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
बुधवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ED से जवाब मांगा और केंद्र सरकार को भी अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। हालांकि, अदालत ने विशेष पीएमएलए कोर्ट में चल रही आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई।
अदालत ने साफ किया कि सिर्फ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किए जाने के आधार पर निचली अदालत की कार्यवाही को रोकने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती। ऐसे में रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला रांची के बड़गाईं इलाके की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस का है। इससे पहले 24 सितंबर की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री के वकील ने ED के पास मौजूद उन दस्तावेजों को देखने और उनकी जांच करने के लिए समय मांगा था, जिन पर जांच एजेंसी ने भरोसा नहीं किया था। इसके बाद अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की गई थी।
विशेष कोर्ट में पेश होने का निर्देश
हाईकोर्ट से रोक नहीं मिलने के बाद अब विशेष पीएमएलए कोर्ट में आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। विशेष अदालत ने हेमंत सोरेन को शाम 4:15 बजे उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया है।
इससे पहले हेमंत सोरेन ने विशेष पीएमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट देने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में इंटरलोक्यूटरी एप्लिकेशन यानी IA दाखिल की थी। हालांकि, 18 सितंबर को न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।
अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने Prevention of Money Laundering Act यानी PMLA की धारा 44(1)(d) की संवैधानिक वैधता को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इसी मामले में हाईकोर्ट ने ED और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।


