Jharkhand News: आईटी, AI और डिजिटल गवर्नेंस पर झारखंड सरकार का बड़ा कदम

Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नई दिल्ली में दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, निवेश और झारखंड विजन-2050 पर विशेषज्ञों ने सुझाव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान अब 'माइंस' के साथ 'माइंड्स' से भी बनेगी।

Newstrack Network
Published on: 8 July 2026 8:22 PM IST (Updated on: 8 July 2026 10:56 PM IST)
Jharkhand Vision 2050
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 Jharkhand Vision 2050 (Image Credit-Newstrack)

नई दिल्ली/रांची। झारखंड सरकार ने राज्य को सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी उद्देश्य से नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' का बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने हिस्सा लेकर झारखंड के विजन-2050 पर अपने सुझाव साझा किए।



कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान अब केवल खनिज संपदा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा, "झारखंड की पहचान केवल माइंस से नहीं, बल्कि माइंड्स से भी होनी चाहिए। रिसोर्स के साथ रिसर्च, एक्सट्रैक्शन के साथ इनोवेशन और विकास के साथ समावेशी विकास पर ध्यान देना होगा।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण आधार रहा है और भविष्य में ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी राज्य अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय को राज्य और देश के विकास की कुंजी बताया।



कार्यक्रम के पहले दिन सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और भविष्य की तकनीकों पर व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और आईबीएम समेत कई प्रमुख तकनीकी कंपनियों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश बढ़ाने और तकनीक आधारित विकास को गति देने के लिए अपने सुझाव दिए।



इस अवसर पर झारखंड एआई पॉलिसी, इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, टूरिज्म पॉलिसी, टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस और पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर भी हितधारकों के सामने प्रस्तुत किए गए। सरकार ने इन नीतियों को और अधिक प्रभावी तथा निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए उद्योग जगत और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए।



कार्यक्रम के दौरान सरकार और उद्योग जगत के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी आयोजित किया गया। इसमें झारखंड में आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश एवं साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य की तकनीकों के अनुरूप झारखंड को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि विशेषज्ञों और उद्योग जगत से प्राप्त सुझावों के आधार पर ऐसी नीतियां तैयार की जाएंगी, जो निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति देंगी।



कार्यक्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, उद्योग, श्रम एवं नियोजन मंत्री संजय कुमार यादव, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। वहीं आईबीएम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा और गूगल के राजेश रंजन ने झारखंड में सूचना प्रौद्योगिकी की संभावनाओं पर प्रस्तुति दी।

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