Jharkhand News: झारखंड में Ai से चलेगी सरकार! 1,150 करोड़ की नई नीति से शिक्षा, स्वास्थ्य और खनन तक बदलने की तैयारी

Jharkhand News: झारखंड सरकार ने AI Policy 2026-2031 का ड्राफ्ट पेश करते हुए अगले पांच वर्षों में 1,150 करोड़ रुपये निवेश की योजना बनाई है। नई नीति के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खनन, आपदा प्रबंधन और सरकारी सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।

Newstrack Network
Published on: 10 July 2026 11:09 AM IST (Updated on: 10 July 2026 11:10 AM IST)
Jharkhand AI Policy
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Jharkhand AI Policy (Image Credit-Social Media)

Jharkhand News: झारखंड (Jharkhand) सरकार ने राज्य की डिजिटल व्यवस्था को मजबूत बनाने और शासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) को शामिल करने के लिए बड़ा रोडमैप पेश किया है। नई दिल्ली (New Delhi) में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन 2026 (National Stakeholders’ Consultation 2026) के उद्घाटन सत्र के दौरान सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1,150 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा। सरकार का उद्देश्य एआई तकनीक के जरिए प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और लोगों तक सरकारी सेवाएं बेहतर तरीके से पहुंचाना है।

एआई नीति 2026-2031 का ड्राफ्ट किया पेश

परामर्श बैठक के दौरान राज्य सरकार ने झारखंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति 2026-2031 (Jharkhand Artificial Intelligence Policy 2026–2031) का ड्राफ्ट भी प्रस्तुत किया।

इस नीति का उद्देश्य शिक्षा (Education), स्वास्थ्य (Healthcare), कृषि (Agriculture), खनन (Mining), पर्यावरण प्रबंधन (Environmental Management) और आपदा प्रबंधन (Disaster Response) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ाना है, ताकि शासन व्यवस्था और जनसेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।

मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म होगा तैयार

नई नीति के तहत सरकार ने मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (Chief Minister Data Intelligence Platform-CM-DIP) बनाने का भी प्रस्ताव रखा है।

यह एआई आधारित प्लेटफॉर्म सरकारी योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग (Real-Time Monitoring) करेगा। इसके जरिए अलग-अलग विभाग योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रख सकेंगे, आंकड़ों का विश्लेषण कर सकेंगे और तथ्यों के आधार पर तेजी से फैसले ले सकेंगे।

स्वास्थ्य और खनन के लिए भी अलग एआई सिस्टम

सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग एआई आधारित सिस्टम विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा है।

हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (Health & Nutrition Vigilance System-HNVS) स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सरकारी योजनाओं की निगरानी करेगा।

वहीं क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (Critical Minerals Administration System-CMAS) डेटा विश्लेषण के जरिए खनिज प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

2050 तक 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश की उम्मीद

राज्य सरकार का अनुमान है कि यह एआई रोडमैप वर्ष 2050 तक 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित कर सकता है।

सरकार का मानना है कि नई तकनीक आधारित यह पहल झारखंड को निवेश के लिए एक मजबूत और आकर्षक राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

14 एमओयू पर भी हुए हस्ताक्षर

नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन 2026 के दौरान राज्य सरकार ने 14 समझौता ज्ञापनों (Memorandum of Understanding-MoU) पर भी हस्ताक्षर किए।

इन एमओयू के तहत 99,639 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। ये परियोजनाएं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी होंगी और राज्य में निवेश तथा औद्योगिक विकास को नई गति देने का लक्ष्य रखेंगी।

तकनीक आधारित निवेश का नया केंद्र बनना चाहता है झारखंड

सरकार का मानना है कि यह पहल झारखंड को तकनीक आधारित उद्योगों के लिए एक मजबूत निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

इस परामर्श बैठक में सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। सभी ने प्रशासन और सुशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका और उसके भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा की।

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