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6 अगस्त से गरमाएगा झारखंड विधानसभा सत्र! राधाकृष्ण किशोर ने विपक्ष से की बड़ी अपील
Jharkhand Assembly Monsoon Session: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होगा। राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। सत्र में पहला अनुपूरक बजट पेश होगा।
Radhakrishna Kishore
Jharkhand Assembly Monsoon Session: झारखंड (Jharkhand) की राजनीति एक बार फिर गर्म होने जा रही है। राज्य विधानसभा (Assembly) का मानसून सत्र (Monsoon Session) 6 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। छह दिनों तक चलने वाले इस सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्र शुरू होने से पहले ही राज्य सरकार ने विपक्ष को साफ संदेश दिया है कि सदन में हंगामे के बजाय राज्य के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए।
संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर (Radhakrishna Kishore) ने कहा है कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस दौरान राज्य का पहला अनुपूरक बजट (First Supplementary Budget) भी पेश किया जाएगा।
6 अगस्त से शुरू होगा मानसून सत्र
राजधानी रांची (Ranchi) में होने वाला झारखंड विधानसभा (Jharkhand Assembly) का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। इस छह दिवसीय सत्र को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सत्ता पक्ष जहां अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को सदन में रखने की तैयारी कर रहा है, वहीं विपक्ष भी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहा है।
सत्र शुरू होने से पहले संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर (Radhakrishna Kishore) ने कहा कि सरकार की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सदन के दौरान हर विषय पर चर्चा के लिए सरकार पूरी तरह तैयार रहेगी।
हंगामे की जगह विकास पर हो चर्चा
राधाकृष्ण किशोर (Radhakrishna Kishore) ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि विधानसभा (Assembly) का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और इसका उपयोग राज्य के विकास तथा जनहित के मुद्दों पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि यह सत्र हंगामेदार नहीं बल्कि असरदार साबित हो।
उन्होंने कहा कि सदन में क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। केवल हंगामा करके या कार्यवाही बाधित करके राज्य का भला नहीं हो सकता। उनके मुताबिक यदि सत्ता पक्ष और विपक्ष मिलकर सदन की कार्यवाही चलाएंगे तो झारखंड (Jharkhand) के विकास की दिशा और मजबूत होगी।
सरकार पेश करेगी पहला अनुपूरक बजट
वित्त मंत्री का प्रभार संभाल रहे राधाकृष्ण किशोर (Radhakrishna Kishore) ने जानकारी दी कि इस मानसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान सरकार पहला अनुपूरक बजट (First Supplementary Budget) सदन में पेश करेगी। इस बजट के जरिए सरकार राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति को स्पष्ट रूप से सामने रखेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता और सदन को बताएगी कि इस समय झारखंड (Jharkhand) की आर्थिक स्थिति कैसी है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष के दौरान अब तक हुए राजस्व संग्रहण (Revenue Collection) का पूरा ब्योरा भी सदन में रखा जाएगा, ताकि सभी सदस्य राज्य की वित्तीय स्थिति को समझ सकें।
विपक्ष के सुझावों का भी किया स्वागत
राधाकृष्ण किशोर (Radhakrishna Kishore) ने लोकतांत्रिक व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र (Democracy) के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं चाहते हैं कि सदन का हर मिनट जनता के हित में उपयोग हो।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि केवल विरोध करने के बजाय सरकार को रचनात्मक सुझाव भी दिए जाएं। यदि विपक्ष राज्य के वित्तीय प्रबंधन और विकास को लेकर कोई अच्छा सुझाव देता है तो सरकार उसे लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर स्वस्थ, सकारात्मक और मर्यादित संवाद होना ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
चुनावी साल में बढ़ सकती है राजनीतिक गर्मी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भले ही यह मानसून सत्र (Monsoon Session) केवल छह दिनों का हो, लेकिन इसकी अहमियत काफी ज्यादा है। माना जा रहा है कि सरकार अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) के जरिए कई नई जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड का प्रावधान कर सकती है।
चुनावी साल के करीब पहुंच चुके झारखंड (Jharkhand) में इस सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल गर्म रहने की संभावना भी जताई जा रही है। विपक्ष स्थानीयता, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार अपनी वित्तीय स्थिति और योजनाओं को सामने रखकर विपक्ष के सवालों का जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है।
सरकार की तैयारी, विपक्ष से सहयोग की उम्मीद
मानसून सत्र (Monsoon Session) शुरू होने से पहले सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह हर सवाल का जवाब देने और सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। राधाकृष्ण किशोर (Radhakrishna Kishore) ने एक बार फिर विपक्ष से अपील की कि सदन की कार्यवाही को हंगामे की भेंट चढ़ाने के बजाय जनता के हित, राज्य के विकास और भविष्य की योजनाओं पर गंभीर चर्चा की जाए। सरकार का कहना है कि यदि सत्ता पक्ष और विपक्ष मिलकर सकारात्मक माहौल में सदन चलाएंगे तो इसका सबसे बड़ा लाभ झारखंड (Jharkhand) की जनता को मिलेगा।


