TRENDING TAGS :
झारखंड कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा तेज, श्वेता शर्मा समेत कई नामों पर मंथन
Jharkhand Cabinet Meeting: झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा तेज है। 25 सितंबर को कैबिनेट बैठक में कई बदलाव देखे जा सकते हैं।
social media image
Jharkhand Cabinet Meeting: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर सियासी हलचल पैदा हो चुकी है। 25 सितंबर को हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक होगी, जिसके अगले दिन यानी 26 सितंबर के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है। हालांकि, मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पार्टी नेतृत्व के स्तर पर लिया जाएगा।
दिवंगत मंत्री सुदिव्य सोनू की पत्नी के नाम पर चर्चा तेज
झारखंड की राजनीति में दिवंगत नेताओं के परिवार के सदस्यों को जिम्मेदारी दिए जाने के उदाहरण पहले भी सामने आते रहे हैं। जिनमें पूर्व शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के निधन के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी को मंत्री बनाया गया था। इसी तरह, पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद उनके पुत्र हफीजुल हसन को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। वहीं, पूर्व मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद उनके पुत्र सोमेश सोरेन को चुनाव मैदान में उतारा गया, जहां उन्होंने जीत दर्ज की और विधायक बने।
ऐसे में सुदिव्य सोनू के निधन के बाद उनकी पत्नी श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा को इसी राजनीतिक परंपरा से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, श्वेता शर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सुदिव्य सोनू हेमंत सोरेन सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेताओं में शामिल रहे थे। हेमंत सोरेन और सुदिव्य सोनू के परिवार के बीच लंबे समय से राजनीतिक और पारिवारिक संबंध भी रहे हैं।
दूसरे रिक्त पदों को लेकर इन नेताओं के नाम चर्चा में
मंत्रिमंडल में दूसरे रिक्त पद को लेकर झामुमो के कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें मथुरा महतो, रामसूर्या मुंडा, दशरथ गगराई, बसंत सोरेन और अनंत देव के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से भी एक रिक्त पद पर दावेदारी की चर्चा है। हालांकि, बताया जा रहा है कि यह रिक्त पद झामुमो कोटे का है। ऐसे में इस पर अंतिम फैसला गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए लिया जा सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें 25 सितंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर फैसला लिया जाना है। हालांकि, मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर आधिकारिक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।


