Jharkhand में कैंसर के इलाज का बदलेगा पूरा सिस्टम! 6 शहरों में बनेंगे रेडिएशन सेंटर, मिलेगी लीनैक मशीन

Jharkhand Cancer Treatment: इस योजना को जल्द जमीन पर उतारने के लिए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

Priya Singh Bisen
Published on: 15 Sept 2026 1:18 PM IST (Updated on: 15 Sept 2026 1:18 PM IST)
Jharkhand Cancer Treatment
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Jharkhand Cancer Treatment: झारखंड (Jharkhand) में कैंसर (Cancer) से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब राज्य के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य सरकार ने मरीजों को घर के पास ही बेहतर और स्तरीय इलाज उपलब्ध कराने के लिए छह प्रमुख शहरों में अत्याधुनिक रेडिएशन सेंटर (Radiation Centres) विकसित करने की योजना तैयार की है।

इसके साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों में पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (Public Private Partnership) मोड पर कैंसर डे-केयर यूनिट (Cancer Day-Care Unit) शुरू करने की भी योजना है।

इस योजना को जल्द जमीन पर उतारने के लिए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को तेजी से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की योजना के तहत कैंसर उपचार केंद्रों (Cancer Treatment Centres) को दो प्रमुख क्लस्टर में विकसित किया जाएगा।

6 शहरों में लगेंगी अत्याधुनिक लीनैक मशीनें

पहले क्लस्टर में जमशेदपुर, धनबाद और दुमका को शामिल किया गया है। वहीं दूसरे क्लस्टर में राजधानी रांची, हजारीबाग और पलामू को रखा गया है। इन सभी छह केंद्रों पर कैंसर कोशिकाओं को सटीक तरीके से नष्ट करने वाली अत्याधुनिक लीनैक मशीनें (LINAC Machines) लगाई जाएंगी। इससे मरीजों को अपने राज्य में ही रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy) की सुविधा मिल सकेगी।

इसके अलावा जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी (Chemotherapy) की सुविधा को और मजबूत करने की तैयारी है। इसके लिए जरूरी उपकरणों, दवाओं और मानवबल की उपलब्धता का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट मांगी गई है।

आयुष्मान कार्डधारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज

सरकार ने मरीजों की जेब पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के लिए मुफ्त इलाज का खाका भी तैयार किया है। आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) और अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (Abua Health Security Scheme) के कार्डधारियों को इन केंद्रों पर निर्धारित पैकेज के तहत पूरी तरह कैशलेस इलाज (Cashless Treatment) मिलेगा।

वहीं, दूसरे सामान्य मरीजों के लिए इलाज की फीस बेहद कम रखी जाएगी और सीजीएचएस (CGHS) दरों के आधार पर शुल्क तय किया जाएगा।

रांची, जमशेदपुर और धनबाद में पीईटी स्कैन की सुविधा

कैंसर की सटीक जांच के लिए रांची, जमशेदपुर और धनबाद में पीईटी स्कैन (PET Scan) की सुविधा का विस्तार किया जाएगा। रेडिएशन थेरेपी के संचालन में विशेषज्ञों और रेडियो फिजिसिस्ट (Radio Physicists) की कमी को दूर करने के लिए बिहार के सफल कैंसर डे-केयर मॉडल (Cancer Day-Care Model) का अध्ययन भी किया जाएगा।

साधारण डे-केयर सेंटरों में प्रशिक्षित मेडिकल अफसर सेवाएं देंगे, जबकि रेडिएशन सेंटरों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी।

रिम्स में बनेगा कमांड एवं कंट्रोल सेंटर

पूरी व्यवस्था और निगरानी के लिए रिम्स (RIMS) में केंद्रीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (Command and Control Centre) बनाने का प्रस्ताव है। योजना को पारदर्शी और तेजी से लागू करने के लिए एक विशेष विभागीय समिति का गठन किया जा रहा है।

यह समिति टेंडर प्रक्रिया (Tender Process) से लेकर केंद्र सरकार के बीजीएफ फंड (BGF Fund) की स्वीकृतियों तक की सीधी निगरानी करेगी। इस पूरी योजना का उद्देश्य झारखंड में कैंसर मरीजों को उनके घर के करीब बेहतर, सुलभ और कम खर्च में इलाज उपलब्ध कराना है।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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