TRENDING TAGS :
Jharkhand: रिटायरमेंट से एक दिन पहले मिली सरकारी नौकरी, भावुक हुए 30 साल से इंतजार कर रहे शिक्षक
Jharkhand: झारखंड के जामताड़ा में 30 वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षक नंदलाल रवानी को सेवानिवृत्ति से महज एक दिन पहले स्थायी नियुक्ति का आदेश मिला। जानिए पूरा मामला, नियमितीकरण और सेवा लाभों से जुड़ी अहम जानकारी।
Jharkhand News
Jharkhand: झारखंड से एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को सेवानिवृत्ति से महज एक दिन पहले स्थायी (नियमित) नियुक्ति का आदेश मिला। झारखंड के जमताड़ा के रहने वाले शिक्षक नंदलाल रवानी ने मंगलवार 1 जुलाई 2026 को अपना 60वाँ जन्मदिन मनाया। इससे एक दिन पहले सोमवार को उन्हें सरकार ने सरकारी नौकरी का तोहफा दिया। 30 साल से इंतजार कर रहे शिक्षक नंदलाल नौकरी का लेटर देखते ही भावुक हो गए। करीब तीन दशक तक अस्थायी या संविदा व्यवस्था में सेवाएं देने के बाद शिक्षक को आखिरकार नियमित कर्मचारी का दर्जा मिल गया, लेकिन यह खुशी उनके रिटायरमेंट से ठीक पहले आई। जानकारी के अनुसार, शिक्षक लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे थे। वर्षों तक विभिन्न स्तरों पर प्रक्रिया चलने के बाद आखिरकार संबंधित विभाग ने उनकी स्थायी नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया। संयोग ऐसा रहा कि आदेश उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि से केवल एक दिन पहले जारी हुआ।
30 वर्षों की सेवा के बाद मिला अधिकार
शिक्षक ने अपने कार्यकाल के दौरान हजारों छात्रों को शिक्षा दी, लेकिन उन्हें लंबे समय तक नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल सका। नियमितीकरण का आदेश मिलने के बाद उन्होंने इसे वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया। रवानी 2006 से झारखंड पारा शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे थे। उन्होंने 2016 में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) भी पास की थी।
पेंशन और सेवा लाभों पर नजर
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नियमितीकरण का यह आदेश शिक्षक को पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवा लाभ दिलाने में कितना प्रभावी होगा। इस संबंध में अंतिम निर्णय राज्य सरकार के नियमों और आदेश की शर्तों के आधार पर लिया जाएगा।
शिक्षकों में चर्चा का विषय
यह मामला झारखंड के शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों का नियमितीकरण समय रहते होना चाहिए, ताकि उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले सभी वैधानिक लाभ प्राप्त हो सकें। फिलहाल, यह मामला सरकारी नियुक्तियों और नियमितीकरण की लंबी प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े कर रहा है। वर्षों तक सेवा देने के बाद रिटायरमेंट से एक दिन पहले स्थायी नौकरी मिलना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर बहस का विषय बन गया है।


