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Jharkhand News: टेक्सटाइल और निवेश प्रोत्साहन नीति का ड्राफ्ट जारी, हितधारकों से मांगी सुझाव और राय
Jharkhand News: झारखंड सरकार ने टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 और औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (JIIPP)-2026 का ड्राफ्ट जारी किया। सरकार ने उद्योग जगत, विशेषज्ञों और आम जनता से सुझाव व राय आमंत्रित की है।
Jharkhand News(Photo-Social Media)
Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने और निवेश के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उद्योग निदेशालय ने झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (JIIPP)-2026 के ड्राफ्ट जारी कर दिए हैं। सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है, ताकि व्यापक विचार-विमर्श के बाद इन्हें अंतिम रूप दिया जा सके। दोनों नीतियों के विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर सार्वजनिक किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य नीति निर्माण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सहभागी बनाना है, जिससे सभी हितधारकों की राय को शामिल कर राज्य के लिए प्रभावी औद्योगिक ढांचा तैयार किया जा सके।
घरेलू और वैश्विक निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का लक्ष्य इन नई नीतियों के माध्यम से झारखंड को घरेलू और वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। विशेष रूप से टेक्सटाइल, परिधान और फुटवियर उद्योग को बढ़ावा देने के साथ-साथ औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया है। इससे राज्य में नए उद्योग स्थापित होने, रोजगार के अवसर बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
8-9 जुलाई को नई दिल्ली में होगा राष्ट्रीय परामर्श
इन नीतियों को लेकर 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, टेक्सटाइल क्षेत्र के विशेषज्ञ, विनिर्माण उद्योग के प्रतिनिधि, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा होगी और प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम मसौदे को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कई महत्वपूर्ण MoU पर हो सकते हैं हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना भी जताई जा रही है। यदि ये समझौते होते हैं, तो झारखंड में औद्योगिक निवेश, तकनीकी सहयोग और विनिर्माण गतिविधियों को नई दिशा मिल सकती है। इससे राज्य में रोजगार सृजन और औद्योगिक आधार को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण पर जोर
सरकार ने ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक कर यह स्पष्ट किया है कि नीति निर्माण की प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अंतिम कैबिनेट मंजूरी से पहले प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं का अध्ययन कर आवश्यक संशोधन किए जाएंगे, ताकि नीतियां उद्योगों की जरूरतों और राज्य के विकास लक्ष्यों के अनुरूप बन सकें।
उद्योग निदेशालय के अनुसार, यह पहल झारखंड को औद्योगिक रूप से सशक्त, निवेश के लिए अनुकूल और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार को उम्मीद है कि नई नीतियों के लागू होने के बाद राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा, औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।


