Jharkhand CM: कौनसा वीडियो देख आगबबूला हुए झारखंड CM? सरकारी बाबू की अब लगेगी क्लास

Jharkhand CM: पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा ब्लॉक में बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए एक ग्रामीण के सरकारी बाबू के पैर गिरने का वीडियो वायरल हुआ है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पाकुड़ डीसी को मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

Harsh Srivastava
Published on: 30 Jun 2026 1:25 PM IST
Jharkhand CM: कौनसा वीडियो देख आगबबूला हुए झारखंड CM? सरकारी बाबू की अब लगेगी क्लास
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Jharkhand CM: झारखंड के सरकारी विभागों में फैला भ्रष्टाचार और सुस्त कार्यप्रणाली इस कदर आम जनता पर हावी हो चुकी है कि लोगों को अपने बच्चों के बुनियादी दस्तावेजों के लिए भी महीनों तक भटकना पड़ रहा है. व्यवस्था की इसी लाचारी का एक बेहद दर्दनाक और ताजा मामला पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा से सामने आया है. यहाँ एक परेशान अभिभावक अपने मासूम बच्चे का स्कूल में दाखिला कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की खातिर पिछले 3 महीने से ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काट-काटकर पूरी तरह थक चुका है. सोशल मीडिया पर इस बेबसी का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का संज्ञान लिया और पाकुड़ के उपायुक्त को तुरंत जांच कर कड़ी कार्रवाई करने का हुक्म दिया.

बाबू के पैरों में गिरा लाचार ग्रामीण

यह मार्मिक घटना पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा जामजोरी पंचायत की है. यहाँ के रहने वाले दिनेश टुडू अपने सगे भतीजे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले 3 महीनों से लगातार दफ्तरों की खाक छान रहे थे. सरकारी दफ्तर की चौखट पर न्याय न मिलने से हताश दिनेश आखिरकार पंचायत सेवक के सामने रो पड़े और उनके पैर पकड़कर मदद की गुहार लगाने लगे. लोकतंत्र में एक आम नागरिक को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए इस कदर मजबूर होना पड़ रहा है, जिसे देखकर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को पूरी निष्पक्षता से जांच करने को कहा है.

चेंबर में ले जाकर दिया कार्रवाई का भरोसा

इंटरनेट पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक बेबस इंसान ब्लॉक दफ्तर के भीतर जाकर एक सरकारी कर्मचारी के पैरों में गिर रहा है. हालांकि, हमारा चैनल इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. वीडियो में यह भी दिखाई दे रहा है कि पैर पकड़े जाने के बाद वह सरकारी बाबू उस व्यक्ति को संभालने की कोशिश कर रहा है. कर्मचारी ने दिनेश को शांत कराया और अपने चेंबर के अंदर ले जाकर बातचीत की और उसकी इस समस्या का जल्द ही समाधान निकालने का पूरा भरोसा भी दिया.

बकरी बेचकर जुटा रहा है पढ़ाई का खर्च

सर्टिफिकेट न बनने से टूट चुके दिनेश टुडू ने रोते हुए कर्मचारी को अपनी आपबीती सुनाई. दिनेश ने बताया कि उसने बच्चे को एक अच्छे स्कूल में पढ़ाने के लिए अपनी जिंदगी की जमापूंजी लगा दी है. वह अपनी बकरियों को बेचकर बच्चे की पढ़ाई का खर्च उठा रहा है. दिनेश ने दर्द बयां करते हुए कहा कि अगर समय पर जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना, तो स्कूल में बच्चे का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाएगा और उसका पूरा भविष्य बर्बाद हो जाएगा.

सिस्टम के खिलाफ फूटा जनता का गुस्सा

इस अमानवीय घटना की जानकारी जैसे ही इंटरनेट पर आई, सोशल मीडिया यूजर्स ने झारखंड के प्रशासनिक सिस्टम पर जमकर अपना गुस्सा निकाला. अरुण भाई नाम के एक यूजर ने लिखा कि आम इंसानों को अपराधी या बागी बनाने में इस भ्रष्ट सिस्टम का ही सबसे बड़ा हाथ होता है. वहीं, सिबनेस किस्कू नाम के यूजर ने मांग की कि ऐसे संवेदनहीन अधिकारियों को तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर देना चाहिए. एक अन्य यूजर एस. राज ने दावा किया कि यह केवल पाकुड़ की बात नहीं है, बल्कि ऐसी ही गंभीर समस्या झारखंड के लगभग हर प्रखंड और पंचायत कार्यालय में देखने को मिलती है.

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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