PLFI Commander Encounter: खूंटी में पुलिस और PLFI के बीच मुठभेड़, टॉप कमांडर श्रवण दास घायल हालत में गिरफ्तार, कई हथियार बरामद

PLFI Commander Encounter: झारखंड के खूंटी जिले में पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में संगठन का टॉप कमांडर श्रवण दास घायल होकर गिरफ्तार हो गया। पुलिस ने उसके साथ कई उग्रवादियों को भी पकड़ा है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 22 Jun 2026 8:36 AM IST (Updated on: 22 Jun 2026 8:36 AM IST)
Jharkhand News
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Image Source- Social Media

PLFI Commander Encounter: झारखंड के खूंटी (Khunti) जिले में रविवार को पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। यहां जरियागढ़ थाना (Jariagarh Police Station) क्षेत्र के तिलमी जंगल (Tilmi Forest) में पुलिस और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के बीच हुई मुठभेड़ में संगठन का टॉप कमांडर श्रवण दास (Shravan Das) घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

घटना के बाद घायल श्रवण दास को बेहतर इलाज के लिए रांची (Ranchi) स्थित रिम्स (RIMS) में भर्ती कराया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में उग्रवाद के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया अभियान

जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तिलमी जंगल में पीएलएफआई के उग्रवादी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए एकत्र हुए हैं। सूचना मिलते ही जरियागढ़ और कर्रा (Karra) थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान शुरू किया।

पुलिस टीम जैसे ही जंगल के भीतर पहुंची, वहां मौजूद उग्रवादियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान चली गोली श्रवण दास के पैर में लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।

श्रवण दास के दस्ते के कई सदस्य भी गिरफ्तार

पुलिस कार्रवाई के दौरान केवल श्रवण दास ही नहीं, बल्कि उसके दस्ते के कई अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। गिरफ्तार उग्रवादियों में सामु ढोढराय (Samu Dhodharay), सुदर्शन सोय (Sudarshan Soy), सलीम बोदरा (Salim Bodra), हर्षित गुड़िया (Harshit Gudiya), उमर खान (Umar Khan), उर्फ नील खान (Neel Khan) और विष्णु मांझी (Vishnu Manjhi) शामिल हैं। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है और संगठन की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।

हथियार और कारतूसों का जखीरा बरामद

घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग (Rishabh Garg) ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। पुलिस ने चार पिस्टल (Pistol), कई देशी कट्टा (Country Made Pistol) और एक दर्जन से अधिक जिंदा कारतूस (Live Cartridges) बरामद किए हैं।

इसके अलावा घटनास्थल से कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री से संगठन की गतिविधियों और योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

डायरी से खुल सकते हैं कई राज

पुलिस को मौके से एक महत्वपूर्ण डायरी भी मिली है। इस डायरी में क्षेत्र के कई ठेकेदारों के मोबाइल नंबर दर्ज हैं। साथ ही संभावित वारदातों और संगठन की गतिविधियों से संबंधित कई जानकारियां भी लिखी हुई हैं।

पुलिस का मानना है कि डायरी में दर्ज जानकारी से उग्रवादियों के नेटवर्क, रंगदारी वसूली और अन्य आपराधिक गतिविधियों का खुलासा हो सकता है। बरामद दस्तावेजों की विस्तार से जांच की जा रही है।

श्रवण दास पर दर्ज हैं कई गंभीर मामले

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि श्रवण दास लंबे समय से पुलिस की वांटेड सूची में शामिल था। वह तोरपा (Torpa) और कर्रा क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुका था। उसके खिलाफ रेलवे निर्माण स्थल (Railway Construction Site) पर गोलीबारी, आगजनी और रंगदारी वसूली जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार उस पर पीसीए (PCA) भी लगाया गया था और लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी। उसकी गिरफ्तारी को क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

जंगल में जारी है सर्च ऑपरेशन

मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस ने अभियान बंद नहीं किया है। सुरक्षा बलों द्वारा जंगल क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन (Search Operation) चलाया जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह से जुड़े कुछ अन्य सदस्य अभी भी जंगल में छिपे हो सकते हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार उग्रवादियों से पूछताछ के आधार पर संगठन के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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