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Jharkhand Politics: क्रॉस वोटिंग से बदला खेल! कांग्रेस हारी, अब हेमंत सोरेन को मिला बड़ा राजनीतिक प्रस्ताव
Jharkhand Politics: झारखंड राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के चलते कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा, जबकि बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी जीत गए।
Jharkhand Politics: झारखंड में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग के बाद बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी जीत गए. कांग्रेस को झटका लगा और पार्टी उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा. जेएमएम के बैद्यानाथ राम जीतने में कामयाब रहे. दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में थे. अब जेडीयू ने हेमंत सोरेन को बड़ा ऑफर दिया है. एनडीए के जेडीयू विधायक सरयू राय ने कहा, "हेमंत सोरेन कांग्रेस को सरकार से बाहर करें. हम लोगों के साथ सरकार चलाएं. महागंठबंधन में दरार पड़ चुकी है, कभी भी बिखर जाएगा. बिना बीजेपी और बिना कांग्रेस के झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार चलाएं. एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी जीतेंगे, यह हम लोगों को उम्मीद थी."
क्या बिना कांग्रेस-बीजेपी झारखंड में बन सकती है सरकार?
81 सीटों वाले झारखंड में सरकार बनाने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. हेमंत सोरेन की पार्टी के पास 34 विधायक हैं. बिना कांग्रेस और बीजेपी के सरकार बनाने के लिए उन्हें सात और विधायक चाहिए. अगर आरजेडी के चार, माले के दो और सरयू राय का एक वोट जोड़ दें हेमंत सोरेन आराम से सरकार बना लेंगे.
महागठबंधन में शुरू हुई खटपट
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद महागठबंधन में खटपट शुरू हो गई है. झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू ने कहा कि गठबंधन पर असर पड़ सकता है. हम लोग इसलिये हारे क्योंकि हमारे साथियों ने हमें वोट नहीं किया. के राजू ने आरोप लगाया कि आरजेडी और भाकपा (माले) ने पार्टी को धोखा दिया, जिसकी वजह से कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव हार गए. परिमल नाथवानी क्रॉस वोटिंग से जीते, झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर बोले, 'ये मेरा तीसरा...'
सरकार में शामिल कांग्रेस कैसे हार गई?
झारखंड में विधायकों की संख्या 81 है. एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए फर्स्ट च्वाइस 28 वोटों की जरूरत थी. महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं. जेएमएम के बैद्यनाथ राम जीत गए. इसके बाद महागठबंधन के पास 28 वोट बचे. कांग्रेस के उम्मीदवार प्रवण झा को 28 वोट मिलने चाहिए थे लेकिन उन्हें 20 वोट ही मिले. वहीं एनडीए के पास कुल 24 विधायक थे लेकिन इसके बावजूद उन्हें 28 वोट मिले. तीन वोट रद्द कर दिए गए. बीजेपी के दो और कांग्रेस का एक वोट अमान्य पाया गया. परिमल नाथवानी तीसरी बार झारखंड से राज्यसभा के लिए निर्वाचित किए गए हैं.


