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Jharkhand News: झारखंड में दर्दनाक हादसा, कोयला खदान में जहरीली गैस से चार लोगों की गई जान
Jharkhand News: झारखंड के रामगढ़ जिले में बंद कोयला खदान में अवैध उत्खनन के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार युवकों की मौत हो गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी को बाहर निकाला गया।
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Jharkhand News: झारखंड के रामगढ़ जिले में कोयले की एक बंद खदान में अवैध उत्खनन के दौरान जहरीली गैस के रिसाव से चार युवकों की मौत हो गई। हादसा शनिवार को गिद्दी-रामगढ़ सीमावर्ती अरगड्डा वन क्षेत्र में उस समय हुआ, जब कुछ युवक खदान के भीतर उत्खनन के लिए उतरे थे। मृतकों में दो युवक रामगढ़ और दो हजारीबाग जिले के निवासी थे।
एक को बचाने उतरे तीन साथी भी बने हादसे का शिकार
जानकारी के मुताबिक, खदान के भीतर सबसे पहले एक युवक जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी एक-एक कर नीचे उतरे, लेकिन वे भी गैस के प्रभाव से बेहोश होकर गिर पड़े। मृतकों की पहचान आशीष रजवार (25), किशोर रवानी (35), देवा कुमार बेदिया (25) और डब्लू बेदिया (30) के रूप में हुई है। इनमें देवा कुमार बेदिया और डब्लू बेदिया हजारीबाग जिले के सिरका अरगड्डा क्षेत्र के निवासी थे, जबकि आशीष रजवार और किशोर रवानी रामगढ़ के सिरका बुद्ध बाजार इलाके के रहने वाले थे।
माइंस रेस्क्यू टीम को बुलाया गया
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसके बाद सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की नईसराय माइंस रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। 14 सदस्यीय रेस्क्यू टीम ने अभियान चलाया, जिसमें सात सदस्य सुरक्षा उपकरणों के साथ खदान के भीतर उतरे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चारों युवकों को बाहर निकाला गया। सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
जांच में खदान के भीतर जहरीली गैसों का स्तर अधिक होने की बात सामने आई
चिकित्सकों ने दो युवकों को अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया, जबकि दो अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में खदान के भीतर ऑक्सीजन की मात्रा बेहद कम और जहरीली गैसों का स्तर अधिक होने की बात सामने आई है।
माना जा रहा है कि दम घुटने से चारों की मौत हुई। हालांकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया वीडियोग्राफी के बीच कराई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की बंद खदानों में गैस रिसाव का खतरा लंबे समय से बना हुआ है। इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हादसे पर दुख जताते हुए प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया और मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की है।


