झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ CJP,अभिजीत दिपके ने समर्थन में कर दिया ये ऐलान

Jharkhand Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर CJP संयोजक अभिजीत दिपके ने सरकार को घेरा है। उन्होंने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र अपने अधिकार और भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।

Newstrack Network
Published on: 11 Aug 2026 11:53 PM IST (Updated on: 12 Aug 2026 12:03 AM IST)
Jharkhand Student Protest
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Jharkhand Student Protest (Image Credit-Social Media)

Jharkhand Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। Cockroach Janta Party (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके ने रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकार और भविष्य के लिए आवाज उठा रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना उचित नहीं है।

दिपके ने झारखंड में हुई पुलिस कार्रवाई की तुलना दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले महीने हुए छात्र प्रदर्शन से की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजनीतिक दल प्रदर्शन करते हैं तो उनके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की जाती और छात्रों के आंदोलन पर ही बल प्रयोग क्यों किया जाता है।

'अपने अधिकार के लिए लड़ रहे छात्र'

अभिजीत दिपके ने कहा कि झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी किसी राजनीतिक लाभ के लिए सड़कों पर नहीं उतरे हैं। वे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और अपने भविष्य को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि युवा अपने रोजगार और करियर को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में उनकी आवाज सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई करना समस्या का समाधान नहीं है। दिपके ने कहा कि छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की बर्बरता कहीं भी नहीं होनी चाहिए।

देवेंद्र नाथ महतो के समर्थन में CJP

अभिजीत दिपके ने बताया कि उन्होंने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की है। महतो रांची में छात्रों की मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं।

दिपके ने कहा, महतो लगातार कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और इसके बावजूद उनके खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सोचना चाहिए कि अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार करने से आखिर हासिल क्या होगा।

'सरकार कोई भी हो, छात्रों के साथ रहेंगे'

दिपके ने कहा कि छात्रों के मुद्दे को किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनका दावा है कि सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो, उनकी पार्टी छात्रों के अधिकारों के लिए होने वाले आंदोलनों का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन का केंद्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे ही रहने चाहिए।

रांची में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुआ टकराव

सोमवार को रांची में बड़ी संख्या में छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी झारखंड विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगाए गए कई बैरिकेड तोड़ दिए, जिसके बाद पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया। पुलिस कार्रवाई के बाद कई प्रदर्शनकारियों ने खुद के घायल होने का दावा किया। वहीं, रांची पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

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