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झारखंड का ‘विजन 2050’ मिशन तेज, दिल्ली में 8 जुलाई से निवेश सम्मेलन, AI, IT पर रहेगा फोकस
झारखंड सरकार 8 जुलाई से दिल्ली में दो दिवसीय Vision 2050 निवेश सम्मेलन आयोजित करेगी। सम्मेलन में AI, IT, उद्योग, पर्यटन और निवेश नीतियों पर चर्चा होगी, साथ ही कई MoU पर हस्ताक्षर की तैयारी है।
नई दिल्ली/रांची: झारखंड सरकार राज्य के दीर्घकालिक विकास रोडमैप ‘विजन 2050’ को आगे बढ़ाने के लिए राजधानी दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय परामर्श सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। यह सम्मेलन 8 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें देश-विदेश के निवेशक, उद्योग जगत के दिग्गज, नीति निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ और विकास साझेदार शामिल होंगे। राज्य सरकार के अनुसार इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य झारखंड में गुणवत्तापूर्ण निवेश को आकर्षित करना, नई नीतियों को अंतिम रूप देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करना है। सम्मेलन का नेतृत्व मुख्यमंत्री Hemant Soren के मार्गदर्शन में किया जाएगा।
IT, AI और पर्यटन पर रहेगा खास फोकस
इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग और पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा है। सम्मेलन में राज्य के भविष्य की आर्थिक दिशा को लेकर व्यापक चर्चा होगी। सरकार का लक्ष्य झारखंड को आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, औद्योगिक निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
कार्यक्रम के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण मसौदा नीतियां पेश करेगी और उद्योग जगत से सुझाव मांगेगी। इनमें प्रमुख रूप से—
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति
- निवेश प्रोत्साहन नीति
- पर्यटन नीति
- टेक्सटाइल नीति
- JIADA नियमों में सुधार
- पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल
- झारखंड फाउंडेशन से जुड़ा कॉन्सेप्ट पेपर
शामिल हैं।
पहले दिन डिजिटल गवर्नेंस और IT पर मंथन
सम्मेलन के पहले दिन डिजिटल गवर्नेंस और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उच्चस्तरीय सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके बाद सरकार और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच Business-to-Government (B2G) बैठकें होंगी, जिसमें आईटी, एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
दूसरे दिन उद्योग और पर्यटन पर नजर
कार्यक्रम के दूसरे दिन झारखंड की औद्योगिक क्षमता, प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को निवेशकों के सामने रखा जाएगा। सरकार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को राज्य में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराएगी।
इस दौरान कई प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है। इन समझौतों से राज्य में उद्योग विस्तार, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
दावोस और ब्रिटेन दौरे के बाद निवेश अभियान को रफ्तार
झारखंड सरकार ने बताया कि यह सम्मेलन राज्य की हालिया वैश्विक निवेश पहल का हिस्सा है। राज्य की भागीदारी विश्व आर्थिक मंच (WEF) दावोस और इसके बाद ब्रिटेन दौरे के दौरान बनी निवेश संभावनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि ‘Explore Infinite Opportunities’ के विजन के तहत झारखंड को निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में यह सम्मेलन एक अहम कदम साबित होगा।
रोजगार और आर्थिक विकास पर सरकार की नजर
झारखंड सरकार का फोकस केवल निवेश लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना, तकनीकी विकास को बढ़ावा देना और समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है।
विजन 2050 सम्मेलन को राज्य के भविष्य की आर्थिक रणनीति तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


