Jharkhand: देवघर में Voter List का बड़ा खेल! 46 आवेदकों के दस्तावेज निकले संदिग्ध, होगी कानूनी कार्रवाई

Jharkhand News: जांच के बाद प्रखंड प्रशासन ने सभी 46 संदिग्ध आवेदकों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया है और तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

Priya Singh Bisen
Published on: 27 Sept 2026 3:05 PM IST (Updated on: 27 Sept 2026 3:05 PM IST)
Jharkhand: देवघर में Voter List का बड़ा खेल! 46 आवेदकों के दस्तावेज निकले संदिग्ध, होगी कानूनी कार्रवाई
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Jharkhand News: झारखंड (Jharkhand) में मतदाता सूची (Voter List) में नाम शामिल कराने को लेकर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। देवघर (Deoghar) जिले के पालोजोरी प्रखंड क्षेत्र स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय जमुआ बसहा के बूथ संख्या 251 से जुड़े इस मामले में 46 आवेदकों पर कथित तौर पर एडिटेड प्रमाण-पत्र (Edited Certificates) जमा करने का आरोप है। जांच के बाद प्रखंड प्रशासन ने सभी 46 संदिग्ध आवेदकों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया है और तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

मतदाता सूची में नाम चढ़ाने के लिए जमा किए दस्तावेज

मिली जानकारी के अनुसार, इन 46 आवेदकों ने मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए जाति प्रमाण-पत्र (Caste Certificate) और निवासी प्रमाण-पत्र (Residential Certificate) जमा किए थे। जांच के दौरान इन प्रमाण-पत्रों के एडिटेड होने की बात सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की है।

प्रखंड प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में सभी संबंधित लोगों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उपस्थित होकर अपने दस्तावेजों के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

3 दिन में जवाब नहीं मिला तो FIR

प्रशासन के अनुसार, सभी 46 आवेदकों को तीन दिनों के अंदर अपना पक्ष रखना होगा। यदि निर्धारित समय में उचित और संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज (Fake Documents) से जुड़े मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जा सकती है। इससे मामले में आपराधिक कार्रवाई का रास्ता भी खुल सकता है।

प्रमाण-पत्र बनाने वाले प्रज्ञा केंद्र की भी जांच

मामला सिर्फ 46 आवेदकों तक सीमित नहीं है। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि कथित तौर पर एडिटेड प्रमाण-पत्र किस प्रज्ञा केंद्र (Pragya Kendra) या कंप्यूटर ऑपरेटर (Computer Operator) के माध्यम से तैयार किए गए थे।

प्रशासन की कोशिश यह पता लगाने की है कि इन दस्तावेजों को तैयार करने के पीछे किसी व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका तो नहीं थी। जांच के जरिए ऐसे लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, ताकि अगर फर्जी तरीके से प्रमाण-पत्र तैयार करने का मामला सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

SIR के तहत मल्टी-लेयर जांच

मतदाता सूची (Voter List) में अवैध नाम शामिल होने या गलत प्रविष्टियों को रोकने के लिए एसआईआर (SIR) के तहत मल्टी-लेयर जांच की जा रही है। देवघर के पालोजोरी में सामने आया यह मामला इसी जांच प्रक्रिया के दौरान सामने आया है।

अब प्रशासन की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि कथित फर्जी प्रमाण-पत्र कहां और किसके माध्यम से तैयार किए गए और मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की कोशिश में उनकी क्या भूमिका रही।

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Priya Singh Bisen

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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