TRENDING TAGS :
झारखंड की भर्ती परीक्षाओं पर संकट बरकरार! JSSC CGL पर फैसला सुरक्षित, जानें पूरा विवाद
JSSC CGL Case: JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। वहीं, JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई जारी है।
JSSC CGL Case
JSSC CGL Case: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) में लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में करीब सवा दो घंटे तक चली बहस के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा, विज्ञापन संख्या 10/2023, को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया। वहीं, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं को रद्द करने के मामले में सुनवाई जारी रही। अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को सुबह 11 बजे निर्धारित की गई है।
सरकार ने बताई अनियमितता, अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल
राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पक्ष रखा। सरकार का कहना है कि सीजीएल परीक्षा-2023 में बड़े पैमाने पर अनियमितता, भ्रष्टाचार और वित्तीय लेन-देन के तथ्य सामने आए हैं। सीआईडी जांच में मिले तथ्यों और प्रश्नपत्र तथा उत्तर अभ्यर्थियों तक पहुंचने के आरोपों का हवाला देते हुए सरकार ने कहा कि निर्दोष और दोषी अभ्यर्थियों की अलग-अलग पहचान करना मुश्किल है, इसलिए पूरी परीक्षा रद्द करने का फैसला उचित था।
इसके उलट, याचिकाकर्ताओं ने पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने का विरोध किया है। उनका तर्क है कि प्रश्नपत्र के संगठित तरीके से लीक होने का ठोस प्रमाण नहीं है और निर्दोष अभ्यर्थियों को दोषियों के साथ दंडित नहीं किया जाना चाहिए।
पेपर लीक विवाद से शुरू हुई कानूनी लड़ाई
JSSC CGL परीक्षा पहले जनवरी 2024 में प्रस्तावित थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर सितंबर 2024 में दोबारा आयोजित किया गया। दूसरी परीक्षा के दौरान भी कथित तौर पर प्रश्नों और उत्तरों के पहले से उपलब्ध होने के आरोप सामने आए। जांच में अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र दिलाने के नाम पर पैसे वसूलने के आरोप भी सामने आए, जबकि संगठित पेपर लीक के सवाल पर जांच के निष्कर्षों को लेकर विवाद बना रहा।
JPSC समेत दूसरी भर्तियां भी दायरे में
विवाद केवल JSSC CGL तक सीमित नहीं है। अदालत में JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती रद्द करने के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी सुनवाई हो रही है। कोर्ट ने पहले दी गई अंतरिम राहत को अगले आदेश तक बरकरार रखा है। ऐसे में इन भर्तियों से जुड़े अभ्यर्थियों की नियुक्ति और भविष्य पर अंतिम फैसले का इंतजार है।


