PM मोदी ने बस्तर में जवानों संग मनाई दिवाली, वीर सैनिकों के बलिदान को किया नमन; कांग्रेस पर साधा निशाना

PM Modi Diwali Celebration: पीएम नरेंद्र मोदी इस बार बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे। जानिए प्रधानमंत्री का दिवाली संदेश, जवानों के बलिदान और बस्तर दौरे से जुड़ी पूरी जानकारी।

Sawan Gupta
Published on: 8 Nov 2026 11:04 AM IST (Updated on: 8 Nov 2026 1:12 PM IST)
PM Modi Diwali Celebration
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Image Source – Social Media 

PM Modi Diwali Celebration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली का त्यौहार सेलिब्रेट किया। बस्तर काफी समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा। ऐसे में पीएम मोदी का बस्तर में जवानों के बीच दीपावली मनाने का कार्यक्रम काफी अहम रहा। पीएम ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के त्याग, समर्पण और बलिदान को नमन किया। उन्होंने जवानों के बलिदान, त्याग और तपस्या के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह पहली दिवाली है, जब नक्सलवाद हार चुका है। इसके अलावा पीएम ने अपने संबोधन में दिमागी नक्सल का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने जवानों को अपने संबोधन में कहा कि बस्तर में कभी नक्सलवाद अपने चरम पर था। नक्सलवादी निदोर्ष लोगों को मारते थे और लोगों को वोट तक नहीं डालने दिया जाता था। लेकिन अब देश से नक्सलवाद खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश की सेना पर हर एक देशवासी को गर्व है। पूरे देश की तरफ से जवानों को बधाई है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि 2014 में भाजपा सरकार आने के बाद हालात बदलने शुरु हुए। उन्होंने कहा कि पहले जवानों को आजादी नहीं थी, अब सुरक्षाबलों को पूरी आजादी है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में एक बार फिर दिमागी नक्सली का जिक्र किया, जिसको लेकर काफी सियासी बवाल मचा था। उन्होंने कहा कि दिमागी नक्सल अभी भी मौजूद हैं।

नक्सलवाद से प्रभावित रहा है बस्तर

छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा है। यहां सुरक्षा बलों ने नक्सली गतिविधियों के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए। इस दौरान बड़ी संख्या में जवानों ने देश की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। अब बस्तर में सुरक्षा, शांति और विकास को लेकर नई पहल की जा रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यहां जवानों के साथ दिवाली मनाने का कार्यक्रम विशेष महत्व रखता है।

2014 से जवानों के साथ दिवाली मनाते आ रहे हैं PM मोदी

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में पहली बार सियाचिन में जवानों के साथ दिवाली मनाई थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग वर्षों में देश के सीमावर्ती और सैन्य ठिकानों पर पहुंचकर सैनिकों के साथ दीपावली का त्योहार मनाया। इस दौरान उन्होंने जवानों से मुलाकात की, मिठाइयां बांटी और उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। साल 2025 में उन्होंने INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई थी।

इस साल भी जवानों के बीच दिवाली मनाने की परंपरा जारी रखने का ऐलान किया गया है। बस्तर में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सबकी नजर रहेगी।

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सावन गुप्ता 10 साल से ज्यादा समय से पत्रकारिता में हैं। स्पोर्ट्स, मनोरंजन, पॉलिटिक्स और क्राइम से संबंधित खबरों में उनकी विशेष रुचि है। सावन ने पत्रकारिता में एडवांस डिप्लोमा किया है और वे कई अग्रणी समाचार संस्थानों में काम कर चुके हैं।

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