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Jal Jeevan Mission Jharkhand: संजय सेठ ने हेमंत सरकार से मांगा श्वेतपत्र, आर्थिक संकट पर उठाए सवाल
Jal Jeevan Mission Jharkhand: केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने झारखंड सरकार से आर्थिक स्थिति, बिजली और जल संकट पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की। सरकार पर फंड के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए।
Jal Jeevan Mission Jharkhand(Photo-Social Media)
Jal Jeevan Mission Jharkhand: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति, बिजली संकट और जल संकट को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तत्काल श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। संजय सेठ ने अपने संसदीय कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “झारखंड की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है, जिससे जनता परेशान है। सरकार को सबसे पहले जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार अपनी वित्तीय स्थिति पर श्वेतपत्र जारी कर जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखे। सेठ ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि उनके द्वारा दिए गए टैक्स का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है। संजय सेठ ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए फंड के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए 18 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन वह राशि सही तरीके से उपयोग नहीं की गई। इसके चलते आज भी राज्य के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी बनी हुई है।
जल जीवन मिशन योजना को लेकर भी उन्होंने हेमंत सरकार को घेरा। सेठ ने कहा कि 2,490 करोड़ रुपये की लागत से पांच चरणों में चलाई गई इस योजना को सरकार ने पूरी तरह विफल कर दिया। उन्होंने दावा किया कि आज भी राज्य के करीब 7 लाख घर शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया कि इस स्थिति की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में लगातार बिजली कटौती हो रही है। कई इलाकों में 10-10 घंटे तक बिजली नहीं रहती, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है।
मानसून के मद्देनजर संजय सेठ ने प्रशासन की तैयारियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम आने वाला है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस तैयारी नजर नहीं आ रही। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगले 15 दिनों के भीतर सभी खुले नालों को ढकने और उनकी सफाई सुनिश्चित की जाए।


