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झारखंड JSSC JE पेपर लीक में बड़ी कार्रवाई, 4 साल बाद 'मास्टरमाइंड' गिरफ्तार, पटना से खेला गया सारा ख
JSSC JE Paper Leak: झारखंड JSSC जूनियर इंजीनियर पेपर लीक केस में SIT ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी के फरार ऑपरेटर-कम-डायरेक्टर अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया है। 2022 में 2,279 पदों के लिए हुई परीक्षा का उत्तर कुंजी पहले ही वायरल होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
JSSC JE Paper Leak (Image Credit-Social Media)
JSSC JE Paper Leak: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच JSSC जूनियर इंजीनियर पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। विशेष जांच दल यानी SIT ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी के फरार ऑपरेटर-कम-डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की पहचान अरुण कुमार के रूप में हुई है, जो बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है। उसे 10 अगस्त को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
चार साल पहले रद्द हुई थी जूनियर इंजीनियर परीक्षा
यह मामला साल 2022 का है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC ने 3 जुलाई 2022 को जूनियर इंजीनियर (डिप्लोमा) के 2,279 पदों पर भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की थी।
परीक्षा शुरू होने से पहले ही इसका उत्तर कुंजी यानी Answer Key वायरल हो गया था। इससे परीक्षा में पेपर लीक होने की आशंका सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए JSSC ने उसी समय परीक्षा को रद्द कर दिया था।
उम्मीदवार की शिकायत पर दर्ज हुई थी FIR
परीक्षा रद्द होने के बाद उम्मीदवार मिथिलेश कुमार महतो की लिखित शिकायत पर 14 जुलाई 2022 को नामकुम थाने में FIR दर्ज की गई थी।
पुलिस ने मामले में IPC की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के अलावा IT Act और बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए SIT का गठन किया गया।
जांच में सामने आया पेपर लीक का नेटवर्क
जांच के दौरान SIT को परीक्षा में गड़बड़ी के सबूत मिले। जांच में सामने आया कि परीक्षा कराने की जिम्मेदारी Bynsis Technology Pvt Ltd नाम की दिल्ली स्थित एजेंसी को दी गई थी। जांच एजेंसी को कथित तौर पर यह भी पता चला कि परीक्षा एजेंसी से जुड़े लोगों की भूमिका पेपर लीक करने वाले नेटवर्क में हो सकती है।
पटना में रटवाए गए आंसर
आरोप है कि लीक हुए प्रश्नपत्र के सवाल और जवाब पटना में कुछ उम्मीदवारों को पहले से उपलब्ध कराए गए थे और उन्हें परीक्षा से पहले सवाल-जवाब याद कराने की व्यवस्था की गई थी।
मुंबई से पकड़ा गया आरोपी
अधिकारियों के मुताबिक, अरुण कुमार लंबे समय से फरार चल रहा था। SIT ने उसकी तलाश में कई जगहों पर कार्रवाई की और आखिरकार उसे मुंबई से गिरफ्तार कर लिया।
10 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसी की ओर से मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है।
छात्रों के आंदोलन के बीच गिरफ्तारी से बढ़ी हलचल
JSSC पेपर लीक मामले में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब झारखंड में छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। रांची में 25 जुलाई से छात्रों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार, कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।
अब अन्य आरोपियों की तलाश तेज
JSSC जूनियर इंजीनियर पेपर लीक मामले में SIT की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में चिन्हित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।


