Jharkhand News: झारखंड ट्रेजरी घोटाला: करोड़ों की फर्जी निकासी मामले में ईडी ने शुरू की जांच

Jharkhand News: झारखंड के रांची, बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी से करोड़ों की फर्जी निकासी मामले में ईडी ने ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। कई अफसर और कर्मचारी जांच के घेरे में हैं।

Anjali Soni
Published on: 15 May 2026 9:49 AM IST
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Jharkhand News(Photo-Social Media)

Jharkhand News: झारखंड में राज्य सरकार के कोषागारों से सरकारी कर्मचारियों के वेतन मद में करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी के मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच शुरू कर दी है। ईडी ने इस मामले में ईसीआईआर (एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच प्रारंभ कर दी है। अब तक इस मामले की जांच झारखंड सीआईडी और राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही थी। माना जा रहा है कि ईडी की एंट्री के बाद कई अधिकारियों और कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

यह मामला रांची, हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी से हुई संदिग्ध निकासी से जुड़ा है। इन्हीं मामलों में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि सरकारी खजाने से फर्जी तरीके से बड़ी रकम निकाली गई और बाद में उसका कुछ हिस्सा वापस भी जमा कराया गया। इस पूरे मामले में कई अधिकारियों, यहां तक कि डीएसपी रैंक के अफसरों के नाम भी सामने आने की चर्चा है।

अब तक पुलिस और एसआईटी की जांच में 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रांची मामले में पशुपालन विभाग के अकाउंटेंट मुनींद्र कुमार और उसके सहयोगी संजीव कुमार को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि मुनींद्र कुमार ने अपना बेसिक वेतन 20 लाख रुपये दिखाकर फर्जी निकासी की थी।

हजारीबाग मामले में सौरभ सिंह, रजनीश कुमार सिंह, शंभू कुमार, काजल कुमारी, खुशबू सिंह और धीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, बोकारो ट्रेजरी मामले में कौशल पांडेय, सतीश कुमार सिंह और काजल मंडल को जेल भेजा जा चुका है। देवघर ट्रेजरी से स्वास्थ्यकर्मियों के नाम पर हुई संदिग्ध निकासी के मामले में सबिता कुमारी की भी गिरफ्तारी हुई है।

यह मामला तब सामने आया जब प्रधान महालेखाकार (एजी) चंद्रमौली सिंह ने ट्रेजरी ऑडिट के दौरान पुलिस विभाग में वेतन मद से हुई गड़बड़ी पकड़ी। शुरुआती जांच में बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी से संदिग्ध निकासी का पता चला था। इसके बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों में जांच शुरू कराई और उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया। यह समिति फिलहाल बोकारो ट्रेजरी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

बाद में प्रधान महालेखाकार ने सरकार को एक और रिपोर्ट भेजी, जिसमें झारखंड की 12 ट्रेजरी में गड़बड़ी की आशंका जताई गई। रिपोर्ट में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में भी फर्जी निकासी की बात कही गई है। इसके बाद वित्त विभाग ने सभी जिलों को विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार पहले ही इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर चुकी है। अब ईडी की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि फर्जी तरीके से निकाला गया पैसा कहां गया, किन लोगों को इसका लाभ मिला और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था।

Anjali Soni

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