MP News: AIIMS Bhopal में शुरू होगी लंग्स ट्रांसप्लांट सुविधा, 20 लाख में होगा इलाज, नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली-चेन्नई

MP First Lung Transplant: राहत की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस महंगे इलाज के लिए आर्थिक मदद देने पर सहमति जताई है।

Priya Singh Bisen
Published on: 26 Jun 2026 12:46 PM IST (Updated on: 26 Jun 2026 12:46 PM IST)
MP News: AIIMS Bhopal में शुरू होगी लंग्स ट्रांसप्लांट सुविधा, 20 लाख में होगा इलाज, नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली-चेन्नई
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MP First Lung Transplant: Madhya Pradesh के गंभीर फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब लंग्स ट्रांसप्लांट (Lung Transplant) जैसी जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को दिल्ली, चेन्नई या हैदराबाद जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही एम्स भोपाल (AIIMS Bhopal) में लंग्स ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने जा रही है, जिससे प्रदेश के मरीजों को अपने राज्य में ही आधुनिक इलाज मिल सकेगा।

प्राइवेट अस्पतालों से काफी कम होगा खर्च

अब तक देश के बड़े निजी अस्पतालों में लंग्स ट्रांसप्लांट पर करीब 60 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का खर्च आता था। लेकिन एम्स भोपाल में यह सर्जरी लगभग 20 लाख रुपये में करने की तैयारी है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की स्वास्थ्य स्थिति और इलाज की जटिलता के मुताबिक खर्च में कुछ परिवर्तन हो सकता है। राहत की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस महंगे इलाज के लिए आर्थिक मदद देने पर सहमति जताई है।

दो मरीजों का हो चुका है रजिस्ट्रेशन

एम्स भोपाल में लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए दो मरीजों का पहले ही पंजीकरण किया जा चुका है। दोनों मरीज स्टेट ऑर्गन डोनेशन सोसायटी (SOTO) की वेटिंग लिस्ट में शामिल हैं। जैसे ही उपयुक्त ब्रेन-डेड डोनर उपलब्ध होगा, ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। डॉक्टरों को उम्मीद है कि अगले एक से दो महीनो में मध्य प्रदेश का पहला सफल लंग्स ट्रांसप्लांट किया जा सकता है।

आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम तैयार

इस महत्वपूर्ण सुविधा के लिए एम्स भोपाल ने पूरी तैयारी कर ली है। कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जन डॉ. विक्रम वट्टी ने अमेरिका के वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक मशीनें और ट्रांसप्लांट से जुड़े सभी आवश्यक उपकरण पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। संस्थान का कहना है कि हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद अब लंग्स ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होना प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

सर्जरी के बाद भी रहेगा इलाज का खर्च

विशेषज्ञों के अनुसार, लंग्स ट्रांसप्लांट के बाद मरीजों को जीवनभर इम्यूनोसप्रेशन (एंटी-रिजेक्शन) दवाएं लेनी होंगी, ताकि शरीर नए फेफड़ों को स्वीकार कर सके। इन दवाओं पर हर महीने करीब 10 हजार रुपये तक का खर्च आ सकता है। फिलहाल आयुष्मान भारत योजना में लंग्स ट्रांसप्लांट शामिल नहीं है, लेकिन राज्य सरकार की सहायता से कई मरीजों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। एम्स भोपाल में इस सुविधा के शुरू होने से न सिर्फ मरीजों का इलाज आसान होगा, बल्कि समय और लाखों रुपये की भी बचत हो सकेगी।

Priya Singh Bisen
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Priya Singh Bisen

Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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