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Bhopal से आगरा अब सिर्फ 7 घंटे! 15,000 करोड़ का एक्सप्रेस-वे बदलेगा तस्वीर, व्यापार से पर्यटन तक होगी तरक्की
Bhopal-Agra Expressway: भोपाल-आगरा के बीच 526 किमी लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी मिली है। करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना से यात्रा समय घटेगा और व्यापार-पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
Madhya Pradesh
Bhopal-Agra Road Connectivity: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क कनेक्टिविटी (Road Connectivity) को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने भोपाल से आगरा तक करीब 526 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (Greenfield Expressway) को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 15000 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है।
इस नए फोरलेन हाईवे (Four Lane Highway) के बनने के बाद भोपाल से आगरा का सफर काफी आसान हो जाएगा। अभी इस यात्रा में करीब 14 से 15 घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेस-वे तैयार होने के बाद यह समय घटकर करीब 7 से 8 घंटे रह जाएगा। हाईवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।
विदिशा, सागर और छतरपुर होते हुए आगरा से जुड़ेगा हाईवे
भोपाल-आगरा एक्सप्रेस-वे (Bhopal Agra Expressway) मध्य प्रदेश के भोपाल से शुरू होकर विदिशा, सागर और छतरपुर होते हुए उत्तर प्रदेश के महोबा और हमीरपुर से आगे आगरा तक कनेक्ट होगा। भविष्य में इस हाईवे को लखनऊ से जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है।
फिलहाल भोपाल और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर को आर्थिक गलियारे (Economic Corridor) के तौर पर जोड़ने के लिए 4+2 लेन हाईवे का निर्माण चल रहा है। इसमें भोपाल से विदिशा होते हुए सागर तक 165 किलोमीटर और सागर के बहेरिया से कानपुर तक 223 किलोमीटर लंबे हाईवे का निर्माण कार्य शामिल है।
बुंदेलखंड से आगरा तक मजबूत होगी कनेक्टिविटी
इसी कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाते हुए महोबा के आगे हमीरपुर में जोड़ने की योजना को मंजूरी मिली है। इसके तहत आगरा से कबरई तक 117 किलोमीटर लंबे हाईवे का निर्माण 7145 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
पूरा हाईवे तैयार होने के बाद बुंदेलखंड (Bundelkhand) की आगरा से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। मध्य प्रदेश में भोपाल से विदिशा, सागर होते हुए छतरपुर तक करीब 360 किलोमीटर का हिस्सा बनेगा, जबकि उत्तर प्रदेश में रमईपुर से प्रवेश करते हुए महोबा और हमीरपुर तक करीब 166 किलोमीटर का निर्माण होगा। इस तरह कुल 526 किलोमीटर का हाईवे तैयार होगा।
हाईवे से व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस एक्सप्रेस-वे के बनने से भोपाल, विदिशा, सागर, छतरपुर, महोबा, हमीरपुर और आगरा तक पर्यटन (Tourism) को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से रियल एस्टेट (Real Estate) कारोबार को भी फायदा होगा और हाईवे के आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा सकेंगे।
किसानों के लिए भी अपनी उपज और अनाज को बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। हाईवे के किनारे होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, पार्क, कॉलोनियां और पेट्रोल पंप जैसे कारोबार भी तेजी से विकसित हो सकते हैं।
यात्रियों के लिए भी मिलेंगी सुविधाएं
हजारों करोड़ रुपये की इस परियोजना में यात्रियों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। हाईवे के किनारे यात्रा प्रतीक्षालय, बस स्टैंड, सुलभ शौचालय और पुलिस स्टेशन जैसी सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इससे लंबी दूरी का सफर न सिर्फ तेज होगा, बल्कि यात्रियों के लिए ज्यादा सुविधाजनक भी बनेगा।


