TRENDING TAGS :
Bhopal में पहली बार Gen-Alpha का प्रदर्शन, सड़क पर उतरे रीजनल स्कूल के 400 बच्चे, DMS मर्जर का विरोध
DMS KVS Merger: भोपाल में रीजनल स्कूल के करीब 300-400 छात्रों ने DMS को केंद्रीय विद्यालय में मर्ज करने के प्रस्ताव के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने ‘Save DMS’ और ‘We Want Justice’ के नारे लगाए।
DMS KVS Merger (Image Credit-Social Media)
DMS KVS Merger: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में पहली बार जेन-अल्फा (Gen Alpha) के बच्चों का प्रदर्शन देखने को मिला है। शहर में रीजनल स्कूल (Regional School) के करीब 300 से 400 छात्र सड़क पर उतर आए और डिमॉन्स्ट्रेशन मल्टीपर्पस स्कूल यानी डीएमएस (DMS) को केंद्रीय विद्यालय संगठन यानी केवीएस (KVS) में मर्ज करने के प्रस्ताव का विरोध किया। बच्चों का कहना है कि वे डीएमएस का विलय नहीं होने देंगे और अपनी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन कर सकते हैं।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, भोपाल में डीएमएस को केंद्रीय विद्यालय संगठन में संविलयन यानी मर्जर (DMS-KVS Merger) किए जाने का प्रस्ताव सामने आया है। इसी प्रस्ताव के विरोध में रीजनल स्कूल के विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया। यह पहला मौका बताया जा रहा है, जब भोपाल में किसी शैक्षणिक संस्थान से जुड़े मुद्दे को लेकर जेन-अल्फा प्रोटेस्ट (Gen Alpha Protest) देखने को मिला है।
जेनरेशन अल्फा (Generation Alpha) में साल 2010 और उसके बाद पैदा हुए बच्चे शामिल माने जाते हैं। फिलहाल यह पीढ़ी स्कूलों में पढ़ रही है और डीएमएस से जुड़े फैसले को लेकर छात्र सीधे सड़क पर उतर आए हैं।
हाथों में पोस्टर, लगाए ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे
प्रदर्शन के दौरान बच्चों के हाथों में ‘सेव डीएमएस’ और ‘प्राउड टू बी डीएमएसियन’ जैसे पोस्टर दिखाई दिए। छात्रों ने ‘वी वांट जस्टिस’ (We Want Justice) के नारे भी लगाए। इसके बाद छात्रों ने रीजनल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एसके गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर डीएमएस के संविलयन का विरोध दर्ज कराया।
छात्रों ने साफ किया कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन (Phased Protest) शुरू करेंगे।
अभिभावकों को भी बच्चों के भविष्य की चिंता
डीएमएस को केवीएस में मर्ज किए जाने के प्रस्ताव को लेकर अभिभावकों में भी चिंता है। एक छात्र के पिता ने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के लिए अलग प्राथमिकताएं होती हैं। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि डीएमएस के मौजूदा बच्चों के भविष्य में एडमिशन (Admission) की स्थिति क्या होगी।
अभिभावक इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि मर्जर के बाद बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर क्या असर पड़ेगा।
DMS में पढ़ते हैं 1000 से अधिक बच्चे
मिली जानकारी के मुताबिक डीएमएस में नर्सरी से लेकर 12वीं तक करीब 1000 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। 12वीं कक्षा में विज्ञान, वाणिज्य और कला वर्ग के अलग-अलग सेक्शन हैं। छोटी कक्षाओं में भी बच्चों की संख्या के अनुसार एक से ज्यादा सेक्शन संचालित होते हैं।
डीएमएस में व्यावसायिक पाठ्यक्रम (Vocational Courses) भी चलते हैं। ऐसे में अभिभावकों की चिंता केवल एडमिशन तक सीमित नहीं है। वे यह जानना चाहते हैं कि केवीएस में मर्जर के बाद पढ़ाई, शिक्षकों की व्यवस्था, वोकेशनल कोर्स और एडमिशन प्रक्रिया किस तरह चलेगी।
NCERT से पूरी जानकारी देने की मांग
अभिभावकों की मांग है कि किसी भी तरह का अंतिम फैसला लेने से पहले एनसीईआरटी (NCERT) बच्चों और उनके माता-पिता को पूरी जानकारी दे। उनका कहना है कि मर्जर से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को स्पष्ट किए जाने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।


