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दतिया में सियासी भूचाल! कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित किया, नरोत्तम मिश्रा पर सबकी नजर
Datia Election 2026: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में सियासी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जबकि शिवसेना (UBT) ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को चुनाव लड़ने का खुला ऑफर दिया है। जानिए पूरी राजनीतिक हलचल।
Datia Election 2026: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब पूरी तरह राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है, वहीं शिवसेना (यूबीटी) ने नरोत्तम मिश्रा को चुनाव लड़ने का खुला प्रस्ताव देकर सियासी माहौल और गर्म कर दिया है।
कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर जताया भरोसा
कांग्रेस ने दतिया सीट से वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है। घनश्याम सिंह लंबे समय से दतिया की राजनीति में सक्रिय हैं और तीन बार विधायक रह चुके हैं। उनका संबंध दतिया राजघराने से भी बताया जाता है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1993 में दतिया विधानसभा सीट जीतकर की थी। इसके बाद वे अलग-अलग चुनावों में जीत और हार दोनों का सामना कर चुके हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि उनका अनुभव इस उपचुनाव में पार्टी के लिए फायदेमंद साबित होगा। उम्मीदवार घोषित होने के बाद घनश्याम सिंह ने कहा कि यदि जनता उन्हें मौका देती है तो वे क्षेत्र के विकास, सामाजिक सौहार्द और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने पर काम करेंगे।
शिवसेना (UBT) का नरोत्तम मिश्रा को ऑफर
उधर, महाराष्ट्र की शिवसेना (यूबीटी) ने भी इस चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई के नेताओं ने कहा कि यदि डॉ. नरोत्तम मिश्रा चाहें तो शिवसेना (यूबीटी) उन्हें दतिया से चुनाव लड़ाने के लिए तैयार है। पार्टी का कहना है कि अगर मिश्रा इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं तो पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे समेत कई वरिष्ठ नेता मध्य प्रदेश आकर उनके पक्ष में प्रचार भी करेंगे। हालांकि, अभी तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बीजेपी ने उम्मीदवार बदलने से किया इनकार
बीजेपी की ओर से साफ कर दिया गया है कि दतिया सीट पर घोषित उम्मीदवार में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। पार्टी नेतृत्व ने आशुतोष तिवारी के नाम पर भरोसा जताया है और चुनाव की तैयारियों में जुट गया है। हालांकि, टिकट घोषित होने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। कई जगह प्रदर्शन, बाजार बंद और सड़क जाम जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व अपने फैसले पर कायम नजर आ रहा है।
क्यों हो रहा है दतिया में उपचुनाव?
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। एक पुराने धोखाधड़ी मामले में अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई, जिसके चलते यह सीट खाली हो गई। अब इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी। दतिया का यह उपचुनाव केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश की बड़ी राजनीतिक लड़ाई बन चुका है। सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं और अब नजर चुनाव प्रचार के अगले चरण पर टिकी हुई है।


