4 दोस्तों ने साथ पी शराब और अगले दिन चली गई जान! आखिर देवास में क्या हुआ?

Dewas 13 Deaths: मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में 20 दिनों के भीतर 13 लोगों की संदिग्ध मौतों से हड़कंप मच गया है।

Shalni Kumari
Published on: 24 Oct 2026 12:54 PM IST
Madhya Pradesh liquor case
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Dewas 13 deaths

Dewas 13 Deaths: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के देवास जिले में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों ने एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चंदाना और बिंजाना गांवों में महज 20 दिनों के भीतर 13 लोगों की मौत होने से इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। मृतकों के परिजन इन मौतों के पीछे जहरीली और मिलावटी शराब (Spurious Liquor) को वजह बता रहे हैं, जबकि जिला प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भ्रामक बताया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन मौतों के पीछे की वास्तविक वजह क्या है?

तीन महीने में शराब से जुड़े तीसरे मामले ने बढ़ाई चिंता

मध्य प्रदेश में पिछले तीन महीनों के दौरान शराब से जुड़ा यह तीसरा बड़ा संदिग्ध मामला बताया जा रहा है। इससे पहले अगस्त में गुजरात के भावनगर (Bhavnagar) में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिसका कनेक्शन मध्य प्रदेश से जुड़ा बताया गया था। इसके बाद सितंबर में सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्रों में 20 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

अब अक्टूबर में देवास से सामने आई मौतों की खबर ने आबकारी विभाग (Excise Department) और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, देवास की मौतों को लेकर जहरीली शराब के आरोपों और प्रशासन के दावों के बीच स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।

‘डायरी सिस्टम’ से शराब बेचने का आरोप, चार दोस्तों की मौत से गांव में मातम

ग्रामीणों के मुताबिक, चंदाना गांव के विंदू जायसवाल और विष्णु जायसवाल से कुछ मृतक शराब खरीदते थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि दोनों फिलहाल फरार हैं। गांव में कथित तौर पर ‘डायरी सिस्टम’ के जरिए अवैध शराब (Illegal Liquor) की बिक्री किए जाने की बात भी सामने आई है।

ग्रामीणों के अनुसार, 15 अक्टूबर को चंदाना गांव के चार दोस्त दीपक, जितेंद्र, ओमप्रकाश और भीमा एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। बताया जा रहा है कि अगले दिन चारों की मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल बन गया।

इसके अलावा, कुछ अन्य लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने और उनके अस्पताल में उपचार कराने की बात भी सामने आई है। इन घटनाओं को लेकर परिजन शराब में मिलावट की आशंका जता रहे हैं। हालांकि, मौतों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्टों के आधार पर ही हो सकेगी।

प्रशासन का दावा- जहरीली शराब से नहीं हुई मौतें

मामले पर देवास के कलेक्टर ऋतुराज सिंह और एसडीएम अभिषेक शर्मा ने जहरीली शराब से मौत होने के आरोपों को खारिज किया है। प्रशासन की ओर से इन दावों को भ्रामक बताया गया है।

वहीं, आबकारी कमिश्नर दीपक सक्सेना के मुताबिक, शुरुआती जांच में जब्त की गई शराब में कोई जहरीला तत्व नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक शराब सेवन के कारण मल्टीपल ऑर्गन फेलियर (Multiple Organ Failure) की बात सामने आई है।

प्रशासन के इन दावों और ग्रामीणों के आरोपों के बीच मामले को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में जांच के निष्कर्ष और संबंधित रिपोर्टों का महत्व बढ़ गया है।

मौतों के बाद उठे अवैध शराब की बिक्री और निगरानी पर सवाल

चंदाना और बिंजाना गांवों में हुई मौतों के बाद स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों में नाराजगी है। परिजनों का आरोप है कि मिलावटी शराब ने उनके परिवारों को उजाड़ दिया, जबकि प्रशासन इन आरोपों से सहमत नहीं है।

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने अवैध शराब की बिक्री पर नियंत्रण, आबकारी विभाग की निगरानी और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल, देवास मामले में मौतों के वास्तविक कारणों और कथित अवैध शराब के कारोबार से जुड़े आरोपों को लेकर प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष अहम होंगे।

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