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शराब माफिया के हौसले इतने बुलंद! चेकिंग कर रहे TI को रौंदा, फिर जो हुआ...
Dewas Liquor Mafia: देवास में जहरीली शराब से 13 मौतों के बाद अब शराब तस्करों ने चेकिंग कर रहे खातेगांव TI दिलीप कुमार पुरी को आयशर से कुचल दिया। जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
Dewas TI Death
Dewas Liquor Mafia: मध्य प्रदेश के देवास में जहरीली शराब (Toxic Liquor) से 13 लोगों की मौत के बाद भी शराब माफियाओं के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। जिले में एक बार फिर अवैध शराब (Illegal Liquor) के कारोबार से जुड़ी गंभीर घटना सामने आई है। इस बार तस्करों ने कार्रवाई के लिए सड़क पर उतरे पुलिस अधिकारी को ही निशाना बना लिया। इंदौर-बैतूल हाईवे पर वाहन चेकिंग के दौरान एक आयशर वाहन ने खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप कुमार पुरी को कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल टीआई ( थाना प्रभारी) को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर है, वहीं आरोपी चालक की तलाश तेज कर दी गई है।
चेकिंग के दौरान पुलिस अधिकारी को बनाया निशाना
जानकारी के मुताबिक, खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप कुमार पुरी अपनी पुलिस टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे (Indore-Betul Highway) पर वाहनों की जांच कर रहे थे। पुलिस को इलाके में अवैध शराब की तस्करी (Liquor Smuggling) की सूचना मिली थी। इसी आधार पर टीम संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ले रही थी। इसी दौरान एक आयशर वाहन वहां पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने चालक को रुकने और नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन उसने वाहन रोकने के बजाय पुलिस अधिकारी को ही कुचल दिया।
डिवाइडर पर चढ़ाकर टीआई के ऊपर से निकाला पहिया
बताया जा रहा है कि चालक ने पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए आयशर वाहन को डिवाइडर पर चढ़ा दिया और तेजी से आगे बढ़ा दिया। इस दौरान वाहन का पिछला पहिया थाना प्रभारी दिलीप कुमार पुरी के ऊपर से गुजर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक संदलपुर में वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। शुरुआती जानकारी में आशंका जताई जा रही है कि इस वाहन के जरिए अवैध शराब की ढुलाई (Illegal Liquor Transportation) की जा रही थी।
अस्पताल में नहीं बच सकी जान
हादसे के बाद घायल थाना प्रभारी को तत्काल खातेगांव के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों ने उन्हें सीपीआर (CPR) देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान दिलीप कुमार पुरी ने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक का माहौल है।
नए एसपी ने संभाली जांच की कमान
घटना की जानकारी मिलने के बाद देवास के नवागत पुलिस अधीक्षक (SP) आदित्य मिश्रा अलसुबह खातेगांव पहुंचे। पुलिस ने फरार आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। घटनास्थल और वाहन से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें जुटी हैं। इस घटना ने एक बार फिर जिले में सक्रिय अवैध शराब कारोबार और उससे जुड़े लोगों के दुस्साहस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कौन थे थाना प्रभारी दिलीप कुमार पुरी?
दिलीप कुमार पुरी मूल रूप से मध्य प्रदेश के धार जिले के बरमंडल के रहने वाले थे। उनका परिवार इंदौर में रहता है। वर्ष 2007 में उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस (Madhya Pradesh Police) में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। अपने पुलिस करियर के दौरान उन्होंने इंदौर, बड़वानी और देवास जिले के अलग-अलग थानों में थाना प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी निभाई। उनके निधन के बाद पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनका अंतिम संस्कार धार जिले में स्थित उनके पैतृक गांव बरमंडल में किया जाएगा।
गौरतलब है कि देवास में हाल ही में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई हुई थी। सरकार ने तत्कालीन कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को उनके पदों से हटा दिया था। इसके बाद जिले में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई। अभी नए कलेक्टर और एसपी को पदभार संभाले एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि थाना प्रभारी की मौत की इस घटना ने प्रशासन और पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।


