₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर शुल्क का विरोध, इंदौर के 125 व्यापारिक संगठन हटाएंगे QR कोड

Madhya Pradesh News: इंदौर में UPI भुगतान पर प्रस्तावित MDR सरचार्ज के विरोध में 125 व्यापारिक संगठन एकजुट हुए हैं। शुल्क लागू होने पर दुकानों से QR कोड हटाकर नकद भुगतान को प्राथमिकता देंगे।

Kumud Gupta
Published on: 9 Oct 2026 6:20 PM IST
₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर शुल्क का विरोध, इंदौर के 125 व्यापारिक संगठन हटाएंगे QR कोड
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Madhya Pradesh News: डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रस्ताव के विरोध में इंदौर के व्यापारियों ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) सरचार्ज के विरोध में अहिल्या चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज से जुड़े 125 व्यापारिक संगठनों ने एकजुट होकर बड़ा निर्णय लिया है। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि यह शुल्क लागू होता है, तो व्यापारी अपनी दुकानों से यूपीआई QR कोड हटा देंगे और नकद भुगतान को प्राथमिकता देंगे।

शुक्रवार को अभिनव कला समाज के हॉल परिसर में आयोजित बैठक में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस फैसले पर सहमति जताई। बैठक की अगुवाई चेंबर्स के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल और महामंत्री गोपाल दास अग्रवाल ने की। व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क लागू होने से उनके कारोबार की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ सकता है।

'नो यूपीआई डे' के बाद आंदोलन तेज करने की तैयारी

अहिल्या चेंबर्स के संयुक्त सचिव और इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि 23 सितंबर को आयोजित 'नो यूपीआई डे' के जरिए व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रस्ताव का विरोध किया था। अब 125 व्यापारिक संगठनों का संयुक्त फैसला आंदोलन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उन्होंने कहा कि व्यापारी पहले से ही बढ़ती लागत, बाजार में प्रतिस्पर्धा और सीमित मुनाफे जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। व्यापारियों का तर्क है कि यदि किसी भुगतान माध्यम को स्वीकार करने पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा, तो उन्हें दूसरे विकल्पों पर विचार करना होगा।

पांच दिन तक बाजारों में पहुंचेंगे चेंबर्स के पदाधिकारी

व्यापारियों के फैसले को अधिक से अधिक दुकानदारों तक पहुंचाने के लिए चेंबर्स के पदाधिकारी अगले पांच दिनों तक इंदौर के विभिन्न बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान दुकानदारों को प्रस्तावित सरचार्ज और उसके संभावित आर्थिक प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही, सभी व्यापारिक संगठनों से इस मुद्दे पर एकजुट रहने की अपील की जाएगी।

व्यापारिक संगठनों ने साफ किया है कि उनका विरोध केवल बैठकों, ज्ञापनों और नारों तक सीमित नहीं रहेगा। यदि प्रस्तावित सरचार्ज लागू होता है, तो व्यापारी सामूहिक रूप से दुकानों से क्यूआर कोड हटाने और नकद भुगतान को प्राथमिकता देने की रणनीति पर अमल करेंगे।

बैठक में कई व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में रमेश खंडेलवाल, गोपाल दास अग्रवाल, अक्षय जैन, गोविंद अग्रवाल, नरेंद्र बाफना, रजनीश चोरड़िया, हरदीप सिंह, मनीष निगम, सुशील मेहता, कैलाश खंडेलवाल, मनोज काला, चंद्रशेखर खन्ना, बसंत सोनी, प्रदीप जैन, पुरुषोत्तम शर्मा और महेंद्र जैन सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

व्यापारियों ने दोहराया कि डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। हालांकि, क्यूआर कोड हटाने और नकद भुगतान अपनाने का फैसला सरचार्ज लागू होने की स्थिति में ही लिया जाएगा।

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Kumud Gupta

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I am currently pursuing a Bachelor of Journalism and Mass Communication (BJMC) and am a 5th Semester student at KITM Group of Institutions, Khatima, Uttarakhand. I have a strong interest in content writing, particularly on crime, politics, social issues, and history.

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