Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में भू-माफियाओं पर सरकार का बड़ा प्रहार, मानसून सत्र में पास होगा बेहद कड़ा कानून

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में अवैध कॉलोनियों और भू-माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए सरकार मानसून सत्र में सख्त विधेयक लाने जा रही है। नए कानून के तहत अवैध प्लाटिंग करने वालों को 10 साल तक की जेल होगी।

Newstrack Network
Published on: 19 Jun 2026 9:56 AM IST (Updated on: 19 Jun 2026 9:56 AM IST)
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Madhya Pradesh: प्रदेश में बिना मंजूरी के धड़ल्ले से कॉलोनियां काटने वाले जमीन के सौदागरों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने चक्रव्यूह तैयार कर लिया है. सूबे की सरकार विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में एक ऐसा ऐतिहासिक और बेहद कड़ा विधेयक लाने जा रही है, जिससे भू-माफियाओं के पसीने छूट जाएंगे. नए प्रस्तावित कानून के लागू होते ही अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों को सीधे 10 साल की सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा और उन पर करोड़ों रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोका जाएगा. अब तक सुस्त पड़े तंत्र को जगाने और बेतरतीब शहरीकरण को रोकने के लिए इसे सरकार का अब तक का सबसे बड़ा प्रहार माना जा रहा है.

सरकारी जमीन पर डाका अब बंद

अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी जिंदगी भर की पूंजी लगाकर घर खरीदते हैं, लेकिन अवैध कॉलोनियों के कारण उन्हें सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी चीजों के लिए तरसना पड़ता है. सरकार इसी दर्द को खत्म करने के लिए यह सख्त कदम उठा रही है. नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी ने भी सरकारी जमीन, विकास प्राधिकरणों की प्रॉपर्टी, नगर निगम के क्षेत्रों, जंगलों की भूमि, नदी-तालाबों, पार्कों या खेल के मैदानों पर कब्जा करके कॉलोनी बनाने की हिमाकत की, तो उसे पूरी तरह गैरकानूनी घोषित कर दिया जाएगा. ऐसे मामलों में जमीन बेचने वालों पर सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी.

लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर भी गिरेगी गाज

इस नए कानून के मसौदे में सजा का ऐसा प्रावधान है जिसे सुनकर ही रूह कांप जाए. दोषी पाए जाने पर कम से कम 7 साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की जेल हो सकती है. इसके साथ ही 2 से 3 करोड़ रुपये तक का आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा. जो अवैध कॉलोनियां पहले से बन चुकी हैं, उन्हें हटाने के लिए एक समय सीमा तय होगी. अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकार उस जमीन का पूरा कंट्रोल अपने हाथों में ले लेगी. सबसे खास बात यह है कि इस खेल में शामिल भ्रष्ट अधिकारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा. जो भी अफसर आंखें मूंदकर बैठे रहेंगे, उनके खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक एक्शन होगा.

सुंदर और सुविधायुक्त शहरों के निर्माण का नया संकल्प

इस बड़े फैसले पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने साफ कर दिया है कि नए विधेयक का पूरा ड्राफ्ट तेजी से तैयार किया जा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि मानसून सत्र में इस बिल के पास होते ही प्रदेश के शहरों को एक व्यवस्थित रूप मिलेगा. इस कानून का मुख्य मकसद आम नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाना और उन्हें हर जरूरी सुविधा से लैस सुरक्षित आशियाना प्रदान करना है.

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