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Madhya Pradesh Weather: मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन कम होगी बारिश, 27 जिलों में बूंदाबांदी के आसार, बढ़ेगा तापमान
Madhya Pradesh Weather: मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं है। जानिए IMD का ताजा मौसम अपडेट, किन जिलों में हल्की बारिश होगी, कहां मौसम साफ रहेगा और जुलाई में मानसून की स्थिति क्या है।
Weather Update
Madhya Pradesh Weather: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में अगले चार दिन तक मौसम ज्यादा खराब होने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, प्रदेश में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा। फिलहाल कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। रविवार के लिए इंदौर (Indore) समेत 27 जिलों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल (Bhopal), ग्वालियर (Gwalior) और उज्जैन (Ujjain) में दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
इन 27 जिलों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भिंड (Bhind), दतिया (Datia), सतना (Satna), रीवा (Rewa), मऊगंज (Mauganj), सीधी (Sidhi), सिंगरौली (Singrauli), शहडोल (Shahdol), अनूपपुर (Anuppur), डिंडौरी (Dindori), मंडला (Mandla), बालाघाट (Balaghat), सिवनी (Seoni), पांढुर्णा (Pandhurna), छिंदवाड़ा (Chhindwara), नर्मदापुरम (Narmadapuram), बैतूल (Betul), हरदा (Harda), खंडवा (Khandwa), बुरहानपुर (Burhanpur), देवास (Dewas), इंदौर (Indore), खरगोन (Khargone), धार (Dhar), बड़वानी (Barwani), झाबुआ (Jhabua) और अलीराजपुर (Alirajpur) में आंधी और हल्की बारिश हो सकती है।
इन जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान
वहीं ग्वालियर (Gwalior), श्योपुर (Sheopur), मुरैना (Morena), शिवपुरी (Shivpuri), गुना (Guna), अशोकनगर (Ashoknagar), विदिशा (Vidisha), रायसेन (Raisen), सागर (Sagar), निवाड़ी (Niwari), टीकमगढ़ (Tikamgarh), छतरपुर (Chhatarpur), पन्ना (Panna), दमोह (Damoh), जबलपुर (Jabalpur), कटनी (Katni), उमरिया (Umaria), भोपाल (Bhopal), सीहोर (Sehore), राजगढ़ (Rajgarh), शाजापुर (Shajapur), आगर-मालवा (Agar Malwa), उज्जैन (Ujjain), रतलाम (Ratlam), मंदसौर (Mandsaur) और नीमच (Neemuch) में मौसम साफ रहने की संभावना है।
तीन दिन से नहीं हुई तेज बारिश, बढ़ा तापमान और उमस
प्रदेश में पिछले तीन दिनों से तेज बारिश नहीं हुई है। इसका असर तापमान पर भी देखने को मिला है। शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया। बारिश नहीं होने से लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ा।
जुलाई ने पूरी की बारिश की कमी, फिर भी आंकड़ों में आई गिरावट
इस बार पूरे जून महीने प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर चलता रहा, लेकिन इसके बावजूद सामान्य कोटे से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई। हालांकि जुलाई के पहले नौ दिनों में हुई बारिश ने यह कमी पूरी कर दी और प्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज हो गई।
लेकिन पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं होने की वजह से ओवरऑल आंकड़ा घटकर 8 प्रतिशत ज्यादा बारिश पर आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 9.4 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि इस समय तक 8.7 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है, जो पूरे सीजन के कोटे का 25 प्रतिशत है।
जुलाई से मौसम विभाग को सबसे ज्यादा उम्मीद
मौसम विभाग का कहना है कि जून में भले ही बारिश कम हुई हो, लेकिन जुलाई से काफी उम्मीदें हैं। प्रदेश में पूरे मानसून की लगभग एक तिहाई बारिश जुलाई में होती है। उदाहरण के तौर पर भोपाल (Bhopal) में सामान्य बारिश 39 इंच है, जिसमें से करीब 14 इंच बारिश सिर्फ जुलाई में होती है। वहीं बड़े शहरों में जबलपुर (Jabalpur) ऐसा शहर है, जहां जुलाई में सबसे ज्यादा 17 इंच से अधिक बारिश होती है। प्रदेश में जुलाई के दौरान मानसून की करीब 40 प्रतिशत बारिश होती है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के बीच रहती है।
इंदौर में 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड
इंदौर में 27 जुलाई 1913 को 24 घंटे के भीतर 11.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी, जो अब भी रिकॉर्ड है। वहीं वर्ष 1973 में पूरे जुलाई महीने के दौरान 30.5 इंच बारिश हुई थी। बारिश के कारण यहां तापमान में भी गिरावट देखने को मिलती है। इंदौर में जुलाई महीने की औसत बारिश 12 इंच है और पूरे महीने में लगभग 13 दिन बारिश होती है।
भोपाल में जुलाई 1986 में हुई थी रिकॉर्ड बारिश
भोपाल में जुलाई के दौरान सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड वर्ष 1986 में बना था। उस समय एक ही महीने में 1031.4 मिलीमीटर यानी करीब 41 इंच बारिश दर्ज की गई थी। वहीं 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है।
भोपाल में जुलाई महीने में औसतन 15 दिन बारिश होती है। महीने की औसत बारिश 367.7 मिलीमीटर यानी 14.4 इंच रहती है। बारिश के दौरान यहां दिन का तापमान 30 डिग्री और रात का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है।
जबलपुर में भी जुलाई में जमकर बरसते हैं बादल
जबलपुर में वर्ष 1930 में करीब 45 इंच बारिश दर्ज की गई थी। वहीं 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे में 13.5 इंच बारिश हुई थी, जो रिकॉर्ड है। पिछले साल जुलाई में भी यहां 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वर्ष 2013 और 2016 में भी सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। जबलपुर में जुलाई महीने की सामान्य बारिश 17 इंच है और यहां 15 से 16 दिन तक बारिश होती है।
ग्वालियर में सबसे कम बारिश का ट्रेंड
भोपाल, इंदौर और जबलपुर की तुलना में ग्वालियर में सबसे कम बारिश होती है। पिछले 10 वर्षों में 6 बार ऐसा हुआ, जब यहां जुलाई में 8 इंच से भी कम बारिश दर्ज की गई। जबकि यहां की औसत बारिश करीब 9 इंच है। वर्ष 1935 में ग्वालियर में जुलाई के दौरान 623.3 मिलीमीटर यानी 24.5 इंच बारिश हुई थी, जो रिकॉर्ड है।
वहीं 12 जुलाई 2015 को 24 घंटे के भीतर 190.6 मिलीमीटर यानी साढ़े 7 इंच बारिश दर्ज की गई थी। ग्वालियर में जुलाई के दौरान औसतन 11 दिन बारिश होती है।
उज्जैन में जुलाई में होती है झमाझम बारिश
मध्य प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की तरह उज्जैन में भी जुलाई के महीने में जमकर बारिश होती है। यहां पूरे मानसून की करीब 40 प्रतिशत बारिश केवल जुलाई में ही दर्ज की जाती है।


