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Madhya Pradesh News: भोपाल में रातभर धरने पर बैठे कांग्रेस नेता, नामांकन रद्द होने पर गरमाई राजनीति
Madhya Pradesh News : मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का धरना, दिग्विजय सिंह बोले- यह लोकतंत्र और संविधान पर हमला है।
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भोपाल, 10 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस के नेता सड़क पर उतरे हैं और राजभर उन्होंने भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया। कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मीनाक्षी का राज्यसभा का नामांकन पत्र रद्द करना अवैधानिक है। यह तो सरासर 'सीट चोरी' है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "लोकतंत्र की हत्या है। मीनाक्षी का राज्यसभा का नामांकन पत्र रद्द करना अवैधानिक है। जिस प्रकरण के कारण रद्द किया गया है, आज तक ना उसकी एफआईआर है, ना वह प्रकरण दर्ज है। सिर्फ नोटिस जारी हुआ है, जिसका उल्लेख नामांकन पत्र में करने का प्रावधान भी नहीं है। यह तो सरासर 'सीट चोरी' है। हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"
इससे पहले, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार बहन मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना पूरी तरह से असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। यह घटनाक्रम बताता है कि भारतीय जनता पार्टी देश में लोकतंत्र और संविधान की हत्या कर रही है। कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर अन्याय के खिलाप संघर्ष करेगी।"
कांग्रेस पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन बिना किसी कारण रद्द कर दिया। ये लोकतंत्र पर सीधा हमला है, बाबा साहेब के संविधान पर प्रहार है। हम किसी भी कीमत पर लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देंगे।वहीं, नामांकन रद्द होने के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस इंचार्ज हरीश चौधरी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और सीएलपी नेता उमंग सिंघार के साथ प्रदेश के कई नेताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया। वे रातभर धरने पर डंटे रहे। जीतू पटवारी ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, "जब तक चुनाव आयोग हमसे मिलकर हमारी मांगें नहीं सुनता, हम अनिश्चितकाल के लिए धरने पर बैठे रहेंगे। देखते हैं भाजपा और चुनाव आयोग कब तक लोकतंत्र की चिता पर बैठे रहते हैं।"
--आईएएनएस


