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राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ पर CM मोहन यादव का पलटवार, बोले- रोजगार से शिक्षा तक आंकड़े रखें...
Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांग्रेस के शासनकाल और वर्तमान व्यवस्था की तुलना करते हुए सवाल किया कि क्या उस समय बच्चों को गणवेश, आवागमन के लिए साइकिल, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं मिलती थीं।
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Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ (Chhatron Ki Goonj) कार्यक्रम को लेकर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों, युवाओं और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत करते समय तथ्यों और आंकड़ों (Facts and Data) को सामने रखना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम को लेकर कहा कि वहां तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाने का प्रयास दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने इसे ‘झूठ की गूंज’ बताया।
स्कूल शिक्षा को लेकर CM ने गिनाए आंकड़े
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा (School Education) के क्षेत्र में लगातार व्यापक काम हुआ है। सांदीपनि विद्यालयों सहित अलग-अलग योजनाओं और पहलों के परिणामस्वरूप प्रदेश में ड्रॉपआउट दर (Dropout Rate) को शून्य तक लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2002-03 तक मध्यप्रदेश में ड्रॉपआउट दर लगभग 16 प्रतिशत थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रदेश में अधिकांश समय कांग्रेस की सरकार रही। उस समय स्कूल शिक्षा का बजट (Education Budget) लगभग 2 हजार करोड़ रुपये था, जबकि आज यह बढ़कर 38,658 करोड़ रुपये हो गया है।
विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांग्रेस के शासनकाल और वर्तमान व्यवस्था की तुलना करते हुए सवाल किया कि क्या उस समय बच्चों को गणवेश, आवागमन के लिए साइकिल, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं मिलती थीं। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश सरकार विद्यार्थियों की शिक्षा, सुविधाओं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है।
मेडिकल कॉलेज और सीटों का भी बताया आंकड़ा
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिक्षा (Medical Education) के क्षेत्र में प्रदेश की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1956 से 2002-03 तक मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज (Medical Colleges) थे। अटल जी की सरकार के समय प्रदेश को एक और मेडिकल कॉलेज मिला। आज प्रदेश में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में लगभग 680 सीटों से बढ़कर आज 7 हजार से अधिक सीटें हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने इसे स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति से जोड़ते हुए सरकार की ओर से किए जा रहे कामों का हिस्सा बताया।
प्रति व्यक्ति आय और बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी का दावा
डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) का भी आंकड़ा सामने रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो आज बढ़कर 1.59 लाख रुपये हो गई है।
इसी तरह बिजली उत्पादन (Power Generation) को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में लगभग 5 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता थी, जबकि आज यह क्षमता लगभग 32 हजार मेगावाट हो गई है।
रोजगार और भर्ती को लेकर भी रखी सरकार की बात
रोजगार (Employment) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में लगभग 18 हजार पदों पर भर्ती की जा रही है। इनमें करीब 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर पुलिस सेवा से जोड़ा जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) में 10 हजार भर्तियां की जा रही हैं, जबकि 7 हजार प्राध्यापकों की भर्ती की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने एक लाख से अधिक पदों पर प्रमोशन किए हैं और हर वर्ष एक लाख पदों के सृजन की दिशा में आगे बढ़ रही है।
तथ्यों और आंकड़ों के साथ संवाद की अपील
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश की जनता से संवाद करना चाहते हैं, तो उन्हें प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आय और रोजगार सहित अलग-अलग क्षेत्रों में मध्यप्रदेश में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के बीच भ्रम के बजाय विकास और उपलब्धियों पर तथ्यपरक संवाद होना चाहिए।


