Gwalior Couple Suicide Case: शादी के एक साल बाद ही मौत को लगाया गले, एक ही फंदे पर लटके मिले पति-पत्नी

Gwalior Couple Suicide Case: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक नवविवाहित दंपति के शव एक ही फंदे पर लटके मिले। कमरे से टूटे मोबाइल और बिना खाया खाना बरामद हुआ है। पुलिस को आशंका है कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले दोनों के बीच गंभीर विवाद हुआ था।

Aditya Kumar Verma
Published on: 22 Jun 2026 8:21 AM IST (Updated on: 22 Jun 2026 8:23 AM IST)
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Image Source- Social Media

Gwalior Couple Suicide Case: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) जिले के हस्तिनापुर (Hastinapur) गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक नवविवाहित दंपति के शव उनके ही कमरे में एक ही रस्सी के सहारे फांसी के फंदे पर लटके मिले। मृतकों की पहचान विनोद प्रजापति (Vinod Prajapati) और लक्ष्मी प्रजापति (Laxmi Prajapati) के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर गंभीर विवाद हुआ था।

अप्रैल 2025 में हुई थी शादी

पुलिस जांच में सामने आया है कि विनोद प्रजापति और लक्ष्मी प्रजापति की शादी अप्रैल 2025 में धूमधाम से हुई थी। दोनों की शादी को अभी महज एक साल ही हुआ था। हाल ही में दोनों भिंड (Bhind) में स्थित लक्ष्मी के मायके में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे।

बताया जा रहा है कि दोनों रात में ही समारोह से वापस अपने घर लौटे थे। घर पहुंचने के बाद किसी अज्ञात बात को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो बाद में गंभीर विवाद में बदल गई। हालांकि विवाद किस बात को लेकर हुआ था, इसका अभी तक पता नहीं चल सका है।

कमरे का दरवाजा तोड़ा तो सामने आया भयावह दृश्य

घटना के अगले दिन सुबह से ही दोनों अपने कमरे से बाहर नहीं निकले। शाम के समय विनोद का छोटा भाई हिमांशु घर पहुंचा। उसने कमरे का दरवाजा बंद देखा तो कई बार आवाज लगाई और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

इसके बाद हिमांशु ने अपने पिता लाखन सिंह को फोन कर पूरी जानकारी दी। उस समय लाखन सिंह भी एक शादी समारोह में शामिल होने गए हुए थे। सूचना मिलते ही वह तुरंत घर पहुंचे और हस्तिनापुर थाना (Hastinapur Police Station) पुलिस को सूचना दी।

उप निरीक्षक लोकेंद्र सिंह कुशवाहा (Lokendra Singh Kushwaha) के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जब काफी प्रयासों के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस ने कुल्हाड़ी की मदद से दरवाजा तोड़ा। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। पति-पत्नी दोनों एक ही फंदे पर लटके हुए मिले।

टूटे मोबाइल और बिना खाया खाना बयां कर रहे हैं रात की कहानी

घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो घटना से पहले हुए विवाद की ओर इशारा कर रहे हैं। कमरे में दोनों के मोबाइल फोन टूटे हुए हालत में फर्श पर पड़े मिले। पुलिस को आशंका है कि गुस्से में दोनों ने अपने या एक-दूसरे के मोबाइल जमीन पर पटक दिए थे।

इसके अलावा कमरे में एक थाली भी मिली, जिसमें रात का खाना परोसा गया था। हालांकि खाना परोसे जाने के बावजूद उसमें से किसी ने एक निवाला तक नहीं खाया था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट (Suicide Note) नहीं मिला है, जिसके कारण आत्महत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल, आखिर क्या हुआ था मायके में

इस पूरे मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर भिंड में आयोजित शादी समारोह के दौरान या उसके बाद ऐसी कौन सी बात हुई, जिसने इस नवविवाहित जोड़े को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं विवाद की जड़ मायके में हुई कोई घटना या बातचीत तो नहीं थी। मामले की तह तक पहुंचने के लिए मृतका के मायके पक्ष के लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

मोबाइल भेजे जाएंगे फॉरेंसिक जांच के लिए

मामले की जांच कर रहे उप निरीक्षक लोकेंद्र सिंह कुशवाहा ने बताया कि घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। टूटे हुए मोबाइल फोन और बिना खाया हुआ भोजन इस बात की ओर संकेत करते हैं कि फांसी लगाने से पहले दोनों के बीच गंभीर विवाद हुआ था।

उन्होंने बताया कि विवाद की वास्तविक वजह जानने के लिए मृतका के मायके पक्ष को ग्वालियर बुलाया जा रहा है। साथ ही दोनों के क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन साइबर एक्सपर्ट (Cyber Expert) और फॉरेंसिक लैब (Forensic Lab) भेजे जाएंगे, ताकि उनके आखिरी कॉल, मैसेज और चैट से जुड़े डेटा को रिकवर किया जा सके।

फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए भेज दिया है। मामले में मर्ग कायम कर हर पहलू से जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस घटना के पीछे की असली वजह का पता लगाने में जुटी हुई है।

Aditya Kumar Verma
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Aditya Kumar Verma

आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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