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सागर जहरीली शराब कांड में बड़ा खुलासा! शराब बेचने वाले आरोपी की भी मौत, 15 तक पहुंचा आंकड़ा
Sagar Toxic Alcohol Incident: इसी बीच मामले में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने जांच को और पेचीदा बना दिया है। जहरीली शराब बेचने के आरोपी एक व्यक्ति की भी मौत हो गई है।
Sagar Toxic Alcohol Incident
Sagar Toxic Alcohol Incident: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इसी बीच मामले में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने जांच को और पेचीदा बना दिया है। जहरीली शराब बेचने के आरोपी एक व्यक्ति की भी मौत हो गई है।
मृतक की पहचान राम सिंह के रूप में हुई है। उसके खिलाफ विनायका थाना क्षेत्र में जहरीली शराब बेचने के आरोप में मामला दर्ज था। बताया जा रहा है कि घटना के बाद राम सिंह की तबीयत भी बिगड़ गई थी और उसका इलाज चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने भी कथित तौर पर वही शराब पी थी, जिसे बेचने का उस पर आरोप था। हालांकि, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
आरोपी की मौत से बढ़े जांच के सवाल
राम सिंह की मौत के बाद पुलिस के सामने कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके पास शराब कहां से पहुंची थी और जहरीली शराब के कथित नेटवर्क में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या राम सिंह को शराब की जहरीली प्रकृति की जानकारी थी या वह खुद भी इसकी चपेट में आ गया।
मामले में आरोपी की मौत ने शराब की सप्लाई चेन और इसे तैयार करने वाले नेटवर्क को लेकर जांच को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
अब तक 15 लोगों की मौत
बंडा क्षेत्र में सामने आए इस जहरीली शराब कांड में राम सिंह को मिलाकर मृतकों की संख्या 15 हो गई है। वहीं, कई लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। प्रभावित गांवों में मातम का माहौल है और मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रशासन के मुताबिक, देर रात तक भी बीमार लोगों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार मरीजों की निगरानी कर रही हैं।
80 से ज्यादा मरीजों का इलाज
फिलहाल, 59 मरीजों का इलाज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, 17 मरीजों का जिला अस्पताल और 7 मरीजों का बंडा सिविल अस्पताल में चल रहा है। एक गंभीर मरीज को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं।
थाना प्रभारी और आबकारी अधिकारी निलंबित
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। बंडा थाना प्रभारी, गुगरा चौकी प्रभारी और आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस ने मामले में 20 आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा इलाके की सभी शराब दुकानों को बंद करा दिया गया है।
सीमावर्ती इलाकों से सप्लाई का शक
जांच में पुलिस को आशंका है कि जिस शराब को पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी और मौतें हुईं, उसे आसपास के सीमावर्ती इलाकों में तैयार करके यहां सप्लाई किया गया हो सकता है। पुलिस और प्रशासन इस एंगल से भी पूरे मामले की पड़ताल कर रहे हैं।
पाटन, नौराज और डिलौना समेत प्रभावित इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस शराब की सप्लाई करने वालों से लेकर इसे तैयार करने और वितरण करने वाले कथित नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
हाईवे पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद ग्रामीणों और मृतकों के परिवारों में भारी आक्रोश है। अपनी मांगों को लेकर ग्रामीणों ने सागर-कानपुर नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए चक्काजाम भी किया। कई जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों और उनके परिवारों से मुलाकात की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, सागर और दमोह के सांसदों के अलावा विधायक गोपाल भार्गव और प्रदीप लारिया समेत कई जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हाल जाना।
सप्लाई नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें शराब की सप्लाई, आरोपियों की भूमिका और कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही हैं।
राम सिंह की मौत ने जांच के सामने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब तैयार करने और उसकी सप्लाई करने वाले नेटवर्क से राम सिंह का कितना जुड़ाव था और आखिर वही शराब उसकी मौत की वजह कैसे बनी। फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण और पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ हो सकेगी।


