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Twisha Sharma death case में CBI ने किया सीन रीक्रिएशन, फंदे की गांठ और शव उतारने की कहानी की हो रही पड़ताल
Twisha Sharma death case: जांच एजेंसी घटना की सच्चाई तक पहुंचने के लिए पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएशन कर रही है।
Twisha Sharma death case
Twisha Sharma death case: भोपाल के इस वक़्त सब से चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। मामले में 29 मई को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब CBI ने मृतका के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को 2 जून तक रिमांड पर ले लिया। अब जांच एजेंसी घटना की सच्चाई तक पहुंचने के लिए पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएशन कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, CBI की टीम एक बार फिर समर्थ और गिरिबाला को लेकर उनके घर पहुंची, जहां 12 मई को ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। जांच अधिकारी यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि ट्विशा को फंदे से आखिर किस तरह नीचे उतारा गया था और उस दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
सीन रीक्रिएशन में क्या हुआ ?
सीन रीक्रिएशन के दौरान CBI ने लगभग 80 किलो वजन का एक डमी पुतला तैयार कराया है, जिसका प्रयोग घटना की परिस्थितियों को गहनता से समझने के लिए किया जा रहा है। जांच एजेंसी यह भी परख रही है कि जिस बेल्ट या लिगेचर का प्रयोग फंदे के लिए किया गया था, वह कितना वजन सहन कर सकता है और क्या घटनास्थल पर बताए गए हालात तकनीकी रूप से संभव थे।
समर्थ सिंह ने अपने बयान में दावा किया है कि उन्होंने ही ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि उनकी मां गिरिबाला सिंह ने फंदे की गांठ खोली थी। इसी दावे की पुष्टि के लिए CBI दोनों से घटनाक्रम को फिर से दोहरवा रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि सीन रीक्रिएशन से कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया समाने ?
मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू ट्विशा की लंबाई को लेकर सामने आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका की जो हाइट दर्ज की गई है, वह परिवार द्वारा बताई गई लंबाई से अलग बताई जा रही है। इसी वजह से CBI ने अलग हाइट वाला एक दूसरा डमी पुतला भी तैयार कराया है ताकि घटना के हर पहलू का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया जा सके।
गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। घटना के बाद CCTV फुटेज, पति समर्थ सिंह का अचानक लापता होना और बाद में आत्मसमर्पण करना, वहीं गिरिबाला सिंह के कई विवादित बयानों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया। अब CBI की गहन जांच पर सभी की निगाहें टिकी हैं और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।


