25 दिसंबर से महाकाल मंदिर में बदलेगी दर्शन व्यवस्था, नए साल पर भक्तों की सुविधा के लिए विशेष तयारी

Ujjain Mahakal Mandir: उज्जैन महाकाल मंदिर में 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक नई दर्शन व्यवस्था लागू। सामान्य भक्तों का प्रवेश त्रिवेणी संग्रहालय से, भस्म आरती चलायमान, ऑनलाइन-ऑफलाइन बुकिंग बंद, पार्किंग-भोजन-पेयजल की विशेष तैयारी।

Jyotsana Singh
Published on: 6 Dec 2025 11:13 AM IST
25 दिसंबर से महाकाल मंदिर में बदलेगी दर्शन व्यवस्था, नए साल पर भक्तों की सुविधा के लिए विशेष तयारी
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Ujjain Mahakal Temple

Ujjain Mahakal Temple: नया साल आते ही उज्जैन का माहौल पूरी तरह से अलौकिक हो जाता है। महाकाल के दर्शन के साथ नए साल के शुभारंभ के लिए मंदिर के आस-पास जुटती असंख्य भक्तों की भीड़, वायु मंडल को पवित्र करती लगातार आने वाली घंटियों की आवाज, भस्म आरती का दिव्य दृश्य और महालोक की जगमगाती रोशनी शहर को इस खास मौके पर भक्ति और आस्था से भर देती है। इस समय दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे पूरी नगरी में आस्था और उत्साह का माहौल बन जाता है। इसी बढ़ती भीड़ और भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक महाकाल मंदिर में विशेष दर्शन व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि हर व्यक्ति आराम से और सुरक्षित तरीके से भगवान महाकाल के दर्शन कर सके। इस अवधि में सामान्य भक्तों के प्रवेश मार्ग से लेकर भस्म आरती, पार्किंग, भोजन और अन्य सुविधाओं में कई बदलाव किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य दर्शन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाना है।

नए साल की अवधि में लागू विशेष दर्शन व्यवस्था

महाकाल मंदिर में 25 दिसंबर से नए साल की विशेष व्यवस्था शुरू हो जाएगी, जो 5 जनवरी तक जारी रहेगी। यह समय उज्जैन में सबसे अधिक भीड़ वाला माना जाता है क्योंकि देश - विदेश से लाखों श्रद्धालु महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पिछली बार की तुलना में इस बार भीड़ और अधिक रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने इस वर्ष व्यवस्थाएं और कड़ी कर दी हैं। इस अवधि में सीधे मंदिर परिसर में प्रवेश बंद रहेगा। दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को निर्धारित मार्गों से ही आगे बढ़ना होगा। गर्भगृह में प्रवेश केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को मिलेगा जिनकी विशेष पूजा बुक है। सामान्य भक्तों का प्रवेश केवल चलायमान दर्शन व्यवस्था के माध्यम से होगा ताकि भीड़ एक स्थान पर जमा न हो।

सामान्य भक्तों के लिए नया प्रवेश मार्ग

इस बार सामान्य दर्शन के इच्छुक सभी भक्तों को त्रिवेणी संग्रहालय से प्रवेश दिया जाएगा। यह मार्ग महाकाल महालोक की ओर जाता है और काफी विस्तृत है। पिछले वर्षों में मंदिर के मुख्य द्वार पर अत्यधिक भीड़ होने के कारण कई बार अव्यवस्था की स्थिति बनती थी। इसलिए प्रशासन ने इस बार मुख्य द्वार के बजाय त्रिवेणी संग्रहालय मार्ग को प्राथमिक प्रवेश बिंदु बनाया है। यहां से भक्त महाकाल महालोक के आकर्षक गलियारों से गुजरते हुए मंदिर तक पहुंचेंगे। इस तरह बड़ी संख्या में लोगों को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा और किसी प्रकार की भगदड़ की स्थिति नहीं बनेगी।

भस्म आरती के चलायमान दर्शन की व्यवस्था

महाकाल की भस्म आरती पूरे देश में प्रसिद्ध है और प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु इसे देखने आते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस अवधि में भस्म आरती के दर्शन केवल चलायमान पद्धति से कराए जाएंगे। श्रद्धालु कार्तिकेय मंडपम से भस्म आरती के दर्शन कर सकेंगे, लेकिन उन्हें वहां रुकने की अनुमति नहीं होगी। यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि एक ही स्थान पर भीड़ न रुके और दर्शन सुव्यवस्थित तरीके से चलते रहें।

ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग पर रोक

मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया है कि 25 दिसंबर से ऑनलाइन बुकिंग सुविधा अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। अत्यधिक भीड़ की वजह से बुकिंग स्लॉट को मैनेज करना मुश्किल होता है, इसलिए यह कदम उठाया गया है। माना जा रहा है कि ऑफलाइन बुकिंग भी इस अवधि में बंद रह सकती है।

इसका अर्थ है कि दर्शन पूरी तरह से बिना टिकट चलायमान व्यवस्था के माध्यम से होंगे, जिससे समय और भीड़ दोनों को नियंत्रित किया जा सके।

कालभैरव मंदिर में अलग-अलग प्रवेश द्वार

नए साल के दौरान कालभैरव मंदिर में भी दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ जाती है। भीड़ को विभाजित करने के लिए वहां सामान्य और वीआईपी भक्तों के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं। इससे कतारों में क्रम बना रहेगा और वीआईपी भक्तों को भी बिना बाधा निर्धारित मार्ग से प्रवेश मिलेगा।

मंगलनाथ मंदिर में भातपूजा और दर्शन एक साथ

उज्जैन आने वाले कई श्रद्धालु मंगलनाथ मंदिर में भातपूजा भी कराते हैं। इस वर्ष प्रशासन ने भातपूजा और सामान्य दर्शन दोनों व्यवस्थाओं को एक साथ संचालित करने का निर्णय लिया है। भातपूजा कराने वाले श्रद्धालु गर्भगृह तक जा सकेंगे, जबकि सामान्य भक्तों को सभामंडप से चलायमान दर्शन कराए जाएंगे। इस व्यवस्था से दोनों प्रक्रियाएं बिना किसी अव्यवस्था के समानांतर रूप से चल सकेंगी।

पार्किंग और यातायात की विशेष व्यवस्था

नए साल के दौरान उज्जैन में वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इसे देखते हुए हरिफाटक ओवरब्रिज के पास स्मार्ट पार्किंग और कर्कराज पार्किंग को मुख्य पार्किंग स्थल बनाया गया है। इन स्थानों पर पर्याप्त जगह उपलब्ध है, जिससे मंदिर क्षेत्र के आसपास वाहन जाम की स्थिति से बचा जा सकेगा।

भोजन, पेयजल और अन्य सुविधाएं

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर और आसपास कई आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र में सुबह छह बजे से निःशुल्क नाश्ता और दोपहर 12 बजे से रात आठ बजे तक निःशुल्क भोजन की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा पेयजल और जूता स्टैंड की सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं ताकि भक्तों को किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

Jyotsana Singh

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Content Writer Mail ID - jyotsana.b.singh@gmail.com

Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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