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उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में अचानक भगदड़! करंट की अफवाह से दहशत, कई श्रद्धालु घायल
Ujjain Nagchandreshwar Temple Stampede: घटना के बाद श्रद्धालुओं में कुछ वक्त के लिए दहशत का माहौल बना रहा। मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे और इसी दौरान करंट की अफवाह फैलने से स्थिति अचानक बिगड़ गई।
Ujjain Nagchandreshwar Temple Stampede
Ujjain Nagchandreshwar Temple Stampede: उज्जैन के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) के ऊपरी तल पर स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर (Nagchandreshwar Temple) में आज सावन के तीसरे सोमवार को दर्शन के दौरान भयंकर रूप से अफरा-तफरी मच गई। हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास स्थित इस मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी हुई थी।
इसी दौरान बैरिकेडिंग के अंदर डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह (Current Rumour) फैल गई। इसके बाद कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच अचानक भगदड़ (Stampede) जैसी स्थिति बन गई।
भगदड़ में कई श्रद्धालु घायल
अफरा-तफरी के दौरान कई श्रद्धालु घायल हो गए। घटना के तत्काल बाद घायलों को इलाज के लिए चरक अस्पताल (Charak Hospital) ले जाया गया। अस्पताल में घायलों का इलाज किया जा रहा है। घायल श्रद्धालुओं में हिंदू बाई, सागर, लक्ष्मीबाई, अनसूया और उनकी मां ममता, हरिश्चंद्र, सोनम, सुजीत कुमार, खुशी, तुलसी और उनकी मां रेखा बाई शामिल हैं।
घटना के बाद श्रद्धालुओं में कुछ वक्त के लिए दहशत का माहौल बना रहा। मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे और इसी दौरान करंट की अफवाह फैलने से स्थिति अचानक बिगड़ गई।
बैरिकेड्स से टकराने से हरिश्चंद्र के पैरों में चोट
भगदड़ के दौरान श्रद्धालुओं के इधर-उधर भागने और बैरिकेड्स से टकराने के कारण से भी चोटें आईं। हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आई है। उन्हें भी इलाज के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया, जहां सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले (Police and Administration) ने स्थिति को संभाला। कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था (Darshan Arrangements) प्रभावित हुई, लेकिन पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में हालात पर काबू पा लिया गया।
फिलहाल श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था सुचारू (Darshan Arrangements Restored) है। श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जा रहे हैं और मौके पर स्थिति नियंत्रण में है। महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित इस मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को हुई इस घटना के बाद सुरक्षा और व्यवस्था पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।


