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'गरबा धार्मिक साधना है, डांस मंडली नहीं', उषा ठाकुर ने गैर-हिंदुओं की एंट्री पर उठाए सवाल
Garba Controversy : महू से भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग करते हुए गरबा, लव-जिहाद और पहचान छिपाकर पंडालों में आने को लेकर बयान दिया।
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Garba Controversy: मध्यप्रदेश में नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। महू से भाजपा विधायक एवं मध्यप्रदेश की पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने मंगलवार को गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। इंदौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने गरबा आयोजनों और लव-जिहाद को लेकर कई बातें कहीं।
उषा ठाकुर ने दावा किया कि देशभर में हर साल होने वाले गरबा आयोजनों के दौरान औसतन साढ़े चार लाख लड़कियां मुस्लिम युवकों के साथ भाग जाती हैं। इसके बाद वे बच्चों को जन्म देती हैं, जिसका सीधा असर जनसांख्यिकी पर पड़ता है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई आधिकारिक आंकड़ा या स्रोत नहीं दिया।
गरबा शक्ति की साधना का प्रतीक
भाजपा विधायक ने कहा कि गरबा केवल नृत्य या मनोरंजन का आयोजन नहीं है, बल्कि दुर्गा उत्सव और शक्ति की साधना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गरबा पंडालों में कुछ लोग हिंदू बहन-बेटियों को कथित तौर पर भ्रमित करने के उद्देश्य से पहुंचते हैं। ऐसी परिस्थितियों में हिंदू बेटियों को बचाना और उन्हें जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने लव-जिहाद से जुड़े कानूनों का भी जिक्र किया और कहा कि इससे बेटियों की सुरक्षा का दायरा भी बढ़ा है।
पहचान छिपाकर आने का लगाया आरोप
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर गरबा पंडालों में पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तिलक और कलावा लगाकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं और फिर हिंदू बेटियों का जीवन नरक बना देते हैं। ऐसी विधा को कोई भी राष्ट्रभक्त नागरिक सफल नहीं होने दे सकता। इसी आधार पर उन्होंने गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते, वे गरबा जैसे विशेष धार्मिक आयोजनों में क्यों शामिल होते हैं। उषा ठाकुर ने आगे कहा कि गरबा को व्यावसायिक स्वरूप नहीं देना चाहिए।
उषा ठाकुर से पहले भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबा उत्सवों में मुसलमानों के प्रवेश को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम युवक गरबा में अकेले क्यों आते हैं? उन्हें भी अपनी बहन-बेटियों को साथ लाना चाहिए। इस बयान पर विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।


