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Asian Games 2026: गोल्ड से बस एक कदम दूर रह गया भारत, फाइनल में क्यों हारी रिकर्व टीम?
Asian Games 2026 में भारत की पुरुष रिकर्व टीम को फाइनल में दक्षिण कोरिया से 5-1 की हार मिली। जानें धीरज, यशदीप और नीरज का पूरा सफर।
Asian Games 2026: Why India Lost the Recurve Final 5-1 to South Korea
Asian Games 2026: जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेल 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने एक बार फिर देश को पदक दिलाया है। पुरुष रिकर्व टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई, लेकिन स्वर्ण पदक के मुकाबले में दक्षिण कोरिया के सामने भारतीय तिकड़ी को हार का सामना करना पड़ा। धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप संजय भोगे और नीरज चौहान की टीम को फाइनल में दक्षिण कोरिया ने 5-1 से हराया। इस हार के साथ भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
फाइनल में भारतीय टीम से स्वर्ण की उम्मीद थी, लेकिन कोरियाई तीरंदाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। इसके बावजूद पूरे टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन दमदार रहा और उन्होंने लगातार तीन मुकाबले जीतकर फाइनल में अपनी जगह बनाई।
पहले सेट में बराबरी से हुई शुरुआत
दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल मुकाबले की शुरुआत काफी करीबी रही। पहले सेट में दोनों टीमों ने 56-56 अंक बनाए। भारत की ओर से धीरज, यशदीप और नीरज ने अच्छे निशाने लगाए, लेकिन कोरियाई टीम ने भी बराबर की सटीकता दिखाई। पहला सेट बराबरी पर खत्म होने के कारण दोनों टीमों को एक-एक सेट प्वाइंट मिला और मुकाबला 1-1 से बराबर हो गया।
पहले सेट में भारत के पास बढ़त बनाने का मौका था, लेकिन टीम उसे भुना नहीं सकी। इसके बाद मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी।
दूसरे सेट में दक्षिण कोरिया ने बनाई बढ़त
दूसरे सेट में भारतीय तीरंदाजों पर दबाव साफ नजर आया। दक्षिण कोरिया ने बेहद सटीक निशाने लगाते हुए 57 अंक हासिल किए, जबकि भारत की टीम 50 अंक ही बना सकी। इस सेट को दक्षिण कोरिया ने 57-50 से अपने नाम किया। इस नतीजे के बाद कोरियाई टीम ने मुकाबले में 3-1 की बढ़त बना ली। अब भारत के लिए वापसी करने और मुकाबले को निर्णायक चरण तक ले जाने की चुनौती थी।
तीसरे सेट में भी भारत को नहीं मिली वापसी
तीसरे सेट में भारतीय टीम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन दक्षिण कोरिया के तीरंदाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। भारत ने इस सेट में 54 अंक हासिल किए, जबकि दक्षिण कोरिया ने 56 अंक बनाए। महज दो अंकों के अंतर से यह सेट भी भारत के हाथ से निकल गया।
तीसरा सेट जीतते ही दक्षिण कोरिया ने कुल स्कोर 5-1 कर दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। वहीं भारत की पुरुष रिकर्व टीम को रजत पदक मिला।
फाइनल से पहले भारतीय टीम का रहा शानदार सफर
फाइनल तक पहुंचने के लिए भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप संजय भोगे और नीरज चौहान की तिकड़ी का सामना फिलीपींस से हुआ। भारतीय टीम ने इस मुकाबले में 5-1 से जीत हासिल करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
क्वार्टर फाइनल में भारत के सामने चीन की टीम थी। यहां भी भारतीय तीरंदाजों ने दबाव में शानदार खेल दिखाया और चीन को 5-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। लगातार दो मुकाबलों में आसान जीत के बाद टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया था।
ईरान को 6-0 से हराकर फाइनल में बनाई जगह
सेमीफाइनल में भारत का सामना ईरान से हुआ। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा। धीरज, यशदीप और नीरज ने सटीक निशाने लगाते हुए ईरान को एक भी सेट जीतने का मौका नहीं दिया।
भारत ने सेमीफाइनल मुकाबला 6-0 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। लगातार तीन जीत के बाद भारतीय टीम स्वर्ण पदक की मजबूत दावेदार के रूप में फाइनल में उतरी, लेकिन अंतिम मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने बाजी मार ली।
तीरंदाजी में भारत के लिए खास रहा एशियाई खेल
पुरुष रिकर्व टीम के रजत पदक के साथ एशियाई खेल 2026 में तीरंदाजी में भारत का पदक अभियान और मजबूत हुआ है। इस स्पर्धा में भारत ने रिकर्व और कंपाउंड दोनों वर्गों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। पुरुष रिकर्व टीम का रजत पदक इसी अभियान की एक और बड़ी उपलब्धि है।
खास बात यह रही कि भारतीय महिला रिकर्व टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह रिकर्व वर्ग में भारत ने महिला टीम स्पर्धा में स्वर्ण और पुरुष टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया।
स्वर्ण से चूकी टीम, लेकिन रजत भी बड़ी उपलब्धि
दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल में भले ही भारतीय टीम स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सकी, लेकिन फाइनल तक पहुंचने का उसका सफर शानदार रहा। फिलीपींस, चीन और ईरान जैसी टीमों को हराकर भारतीय तिकड़ी ने अपनी क्षमता दिखाई।
धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप संजय भोगे और नीरज चौहान के लिए यह रजत पदक उस मजबूत अभियान का नतीजा है, जिसमें टीम ने लगातार मुकाबले जीतकर एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाई। स्वर्ण पदक दक्षिण कोरिया के नाम रहा, लेकिन भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने रजत के साथ देश के पदक खाते में एक और उपलब्धि जोड़ दी।


