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Asian Games 2026: भारत ने रचा इतिहास, कोरिया का 44 साल का दबदबा खत्म कर महिला रिकर्व में जीता Gold
Asian Games 2026 में अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम महोड़ ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर महिला रिकर्व टीम का ऐतिहासिक Gold Medal जीता। भारत ने कोरिया का 44 साल पुराना दबदबा खत्म किया।
Asian Games 2026: भारत की महिला तीरंदाजी टीम ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम महोड़ की तिकड़ी ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में दक्षिण कोरिया को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत ने फाइनल में कोरिया को 5-3 से मात दी और इस स्पर्धा में उसका 44 साल से चला आ रहा दबदबा खत्म कर दिया।
रिकर्व में दक्षिण कोरिया का दबदबा लंबे समय से रहा है। वह विश्व चैंपियन टीम है और उसके दल में विश्व नंबर-3 तीरंदाज कांग चाए-यंग भी शामिल थीं। ऐसे में भारतीय टीम के लिए मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। लेकिन अंकिता, कीर्ति और कुमकुम ने दबाव की परवाह किए बिना शानदार प्रदर्शन किया और कोरियाई टीम को मात देकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
सेमीफाइनल में चीन को भी दी करारी शिकस्त
भारत ने फाइनल से पहले सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराया था। भारतीय तिकड़ी ने पूरे मुकाबले में एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। जब भी किसी सेट में बड़े स्कोर की जरूरत पड़ी, टीम की किसी न किसी तीरंदाज ने सटीक निशाना लगाकर भारत को बढ़त दिलाई।
सेमीफाइनल में कीर्ति शर्मा ने खास भूमिका निभाई। उन्होंने पहले और दूसरे सेट की आखिरी तीर पर 10 अंक हासिल कर भारत को जरूरी अंक दिलाए। निर्णायक सेट में भी जब भारत को सिर्फ मुकाबला बराबर करने की जरूरत थी, तब कीर्ति ने शानदार निशाना लगाकर टीम को फाइनल में पहुंचा दिया।
फाइनल में कोरिया के खिलाफ दिखा असली दम
फाइनल में भारत के सामने दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम थी। कांग चाए-यंग, ली और येजिन ओह की तिकड़ी ने शुरुआत से ही दबाव बनाने की कोशिश की। लेकिन भारतीय टीम ने कोई घबराहट नहीं दिखाई।
पहले दो सेट में कोरिया ने क्रमशः 54 और 56 अंक बनाए। भारत ने दोनों सेट में बिल्कुल समान स्कोर किया। इससे मुकाबला 2-2 की बराबरी पर पहुंच गया और विश्व चैंपियन कोरियाई टीम पर दबाव बढ़ गया।
तीसरे सेट में मुकाबले का रुख बदल गया। कोरिया के छह तीरों में चार बार 8 अंक आए। दूसरी ओर भारतीय टीम ने लगातार बेहतर निशाने लगाए और 55 अंक हासिल कर सेट अपने नाम करते हुए बढ़त बना ली।
चौथे सेट में दक्षिण कोरिया ने 54 अंक बनाए। भारत को स्वर्ण पदक पक्का करने के लिए कम से कम 54 अंक की जरूरत थी। कीर्ति शर्मा के एक तीर को शुरुआत में 8 अंक दिया गया, लेकिन समीक्षा के बाद उसे 9 अंक कर दिया गया। इसके साथ भारत का स्कोर 54 तक पहुंच गया और सेट बराबर हो गया। यह परिणाम भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त था।
तीनों तीरंदाजों की कहानी भी बेहद खास
इस ऐतिहासिक जीत के पीछे तीनों खिलाड़ियों की अलग-अलग संघर्ष की कहानी है। कुमकुम महोड़ ने महज तीन साल पहले रिकर्व तीरंदाजी की ट्रेनिंग शुरू की थी। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने पारंपरिक तरीके से यानी बांस के धनुष से की थी।
वहीं कीर्ति शर्मा को कभी यह तक कहा गया था कि वह रिकर्व धनुष संभालने के लिए बहुत पतली हैं। रिकर्व धनुष तीरंदाज की ताकत और नियंत्रण की कड़ी परीक्षा लेता है। लेकिन कीर्ति ने इन तमाम संदेहों को पीछे छोड़ते हुए एशियन गेम्स के फाइनल में अपनी भूमिका साबित की।
दूसरी ओर अंकिता भकत भारतीय तीरंदाजी की अनुभवी खिलाड़ी हैं। उनके नाम अब तक 23 अंतरराष्ट्रीय पदक हैं। वह हांगझोउ एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय महिला रिकर्व टीम का भी हिस्सा थीं। उस समय भारत फाइनल तक नहीं पहुंच सका था। लेकिन इस बार अंकिता, कुमकुम और कीर्ति ने उस कहानी को बदल दिया।
नागोया में भारतीय तिकड़ी का ऐतिहासिक प्रदर्शन
सेमीफाइनल के बाद से ही भारतीय टीम ने दबाव के बावजूद संयम बनाए रखा। नागोया में परिस्थितियां तीरंदाजी के लिए आसान नहीं थीं और मौसम तथा परिस्थितियों का असर स्कोर पर भी दिखाई दे रहा था। इसके बावजूद भारतीय तिकड़ी ने एक-दूसरे पर भरोसा बनाए रखा।
भारतीय तीरंदाजी दल के अन्य खिलाड़ियों की मौजूदगी और समर्थन ने भी टीम का हौसला बढ़ाया। चीन के खिलाफ सेमीफाइनल से लेकर कोरिया के खिलाफ फाइनल तक अंकिता, कीर्ति और कुमकुम ने दिखाया कि बड़े मंच पर दबाव के बीच कैसे प्रदर्शन किया जाता है।
भारत के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के वर्षों में महिला खिलाड़ियों ने कई खेलों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले एशियन गेम्स में भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। अब महिला रिकर्व टीम ने भी विश्व स्तर की मजबूत टीम को हराकर अपनी क्षमता साबित कर दी है।
अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम महोड़ का यह स्वर्ण पदक भारतीय रिकर्व तीरंदाजी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा सकता है। अब नजरें एशियन गेम्स की मिक्स्ड टीम और पुरुष रिकर्व स्पर्धाओं पर रहेंगी।


