Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का शुभारंभ, लवलीना ने बिना खेले पक्का किया पदक

Commonwealth Games 2026 India: लवलीना बोरगोहेन ने बिना मुकाबला खेले भारत के लिए पहला पदक पक्का कर लिया है। जानें सेमीफाइनल, गोल्ड की उम्मीद, भारतीय दल और लाइव स्ट्रीमिंग की पूरी जानकारी।

Jyotsana Singh
Published on: 24 July 2026 3:41 PM IST
Commonwealth Games 2026: Lovlina Borgohain Assures Indias First Medal Without Fighting
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Commonwealth Games 2026: Lovlina Borgohain Assures India's First Medal Without Fighting

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आधिकारिक उद्घाटन अभी होना बाकी है, लेकिन भारत के खाते में पहला पदक पहले ही तय हो चुका है। स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिला 75 किलोग्राम वर्ग में सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश हासिल कर कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। खास बात यह है कि उन्हें अभी तक रिंग में उतरने की भी जरूरत नहीं पड़ी। अब 31 जुलाई को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में जीत के साथ उनका लक्ष्य फाइनल और फिर स्वर्ण पदक पर कब्जा करना होगा। लवलीना की इस उपलब्धि ने ग्लासगो पहुंचे भारतीय दल का उत्साह बढ़ा दिया है और पदकों की उम्मीद भी मजबूत कर दी है।

रिंग में उतरे बिना भारत के खाते में आया पहला पदक

ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की बॉक्सिंग स्पर्धा के ड्रॉ में महिला 75 किलोग्राम वर्ग में केवल पांच मुक्केबाज शामिल थीं। नियमों के अनुसार तीन खिलाड़ियों को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली, जिनमें भारत की लवलीना बोरगोहेन भी शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। यही वजह है कि लवलीना ने बिना कोई मुकाबला खेले ही भारत का पहला पदक सुनिश्चित कर लिया। यह भारत के लिए खेलों की शुरुआत से पहले ही बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

31 जुलाई को होगा गोल्ड की ओर पहला मुकाबला

अब लवलीना का सामना 31 जुलाई को तुवालु की मुक्केबाज टीकेबीपी ताफाकी (TKBP Taafaki) से होगा।

यदि वह यह मुकाबला जीत जाती हैं तो सीधे फाइनल में पहुंच जाएंगी और कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लेंगी। इसके बाद फाइनल जीतने पर उनके खाते में कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला स्वर्ण पदक जुड़ जाएगा। भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें अब इस मुकाबले पर टिकी हैं क्योंकि लवलीना से देश को गोल्ड मेडल की बड़ी उम्मीद है।

करियर में पहली बार मिलेगा कॉमनवेल्थ गेम्स का मेडल

28 वर्षीय लवलीना बोरगोहेन भारतीय मुक्केबाजी की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम पहले से कई बड़े अंतरराष्ट्रीय पदक दर्ज हैं।

उनकी प्रमुख उपलब्धियां -

टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक

विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक

एशियाई खेलों में रजत पदक

एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कई पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक अब तक उनके करियर में शामिल नहीं था। ग्लासगो में उन्होंने यह कमी भी पूरी कर ली।

असम के छोटे से गांव से विश्व मंच तक का सफर

लवलीना बोरगोहेन का जन्म असम के गोलाघाट जिले में हुआ। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने मुक्केबाजी की शुरुआत की और लगातार मेहनत के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई।

उनकी सफलता ने पूर्वोत्तर भारत में महिला मुक्केबाजी को नई पहचान दिलाई। टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने के बाद वह देशभर की युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गईं।

आज वह भारतीय महिला बॉक्सिंग की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं।

ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों का बढ़ाया गया उत्साह

कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने पहुंचे भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भारतीय प्रवासी समुदाय ने 'Cheer 4 Bharat' अभियान के तहत साइक्लिंग रैली निकाली।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी शामिल हुए। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि यह अभियान केवल भारतीय खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए नहीं बल्कि फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देने के लिए भी आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'फिट इंडिया मूवमेंट' ने दुनिया भर में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश दिया है और विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इससे जुड़ रहे हैं।

साइक्लिंग को बताया फिटनेस और पर्यावरण दोनों के लिए जरूरी

मनसुख मांडविया ने साइक्लिंग के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित साइक्लिंग से शरीर स्वस्थ रहता है और यह प्रदूषण कम करने के साथ ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं को भी कम करने में मददगार हो सकती है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि पूरा देश उनके प्रदर्शन का इंतजार कर रहा है और हर भारतीय उनकी सफलता की कामना कर रहा है।

19वीं बार कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरा भारत

भारत इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में 19वीं बार हिस्सा ले रहा है। देश ने पहली बार 1934 में इन खेलों में भाग लिया था।

इस बार भारत का 124 सदस्यीय दल ग्लासगो पहुंचा है। भारतीय खिलाड़ी आठ एबल-बॉडी खेलों और पांच पैरा खेलों में चुनौती पेश कर रहे हैं। वहीं इस संस्करण में शूटिंग, क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे कुछ लोकप्रिय खेल शामिल नहीं हैं। इसके बावजूद भारत को मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, स्क्वैश, वेटलिफ्टिंग और पैरा स्पर्धाओं में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

भारत को इन खिलाड़ियों से भी पदकों की उम्मीद

लवलीना के अलावा भारतीय दल में कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जिनसे पदक की उम्मीद की जा रही है। जिनमें

मुक्केबाजी में भारतीय टीम, टेबल टेनिस के अनुभवी खिलाड़ी,

वेटलिफ्टिंग में युवा प्रतिभाएं, एथलेटिक्स में कई राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी खिलाड़ी, पैरा खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके खिलाड़ी आदि शामिल हैं।

यदि शुरुआती मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी जीत की राह पकड़ लेते हैं तो पदकों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।

भारत में कहां देखें लाइव मुकाबले

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का भारत में सीधा प्रसारण Sony Sports Network पर किया जाएगा। वहीं मोबाइल और स्मार्ट डिवाइस पर दर्शक Sony LIV ऐप के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग देख सकेंगे। खेलों के सभी प्रमुख मुकाबलों, भारतीय खिलाड़ियों की स्पर्धाओं और पदक मुकाबलों का प्रसारण इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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