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FIFA President: विवादों के बीच FIFA अध्यक्ष इन्फेंटिनो का बड़ा फैसला, 2027 में फिर लड़ेंगे चुनाव
FIFA President: FIFA President Gianni Infantino 2027 में फिर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे। जानें चुनाव की तारीख, उम्मीदवारों की डेडलाइन और निजी निवेश को लेकर हुआ विवाद।
FIFA President : FIFA President Gianni Infantino to Contest 2027 Election Amid Controversies
FIFA President: फीफा यानी फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबॉल एसोसिएशन (FIFA) दुनिया में फुटबॉल की सबसे बड़ी और सर्वोच्च संस्था है, जो अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं और FIFA वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजनों की देखरेख करती है।
जिसके अध्यक्ष गियानी इन्फेंटिनो ने एक बार फिर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का फैसला किया है। तमाम विवादों, आलोचनाओं और इस्तीफे की मांग के बीच फीफा ने साफ कर दिया है कि इन्फेंटिनो 2027 में होने वाले चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। अगर वह चुनाव जीतते हैं तो यह उनका चौथा कार्यकाल होगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि उनके खिलाफ कौन मैदान में उतरता है और क्या इस बार फीफा अध्यक्ष का चुनाव कड़ा मुकाबला बन पाता है।
18 मार्च 2027 को मोरक्को में होगा चुनाव
फीफा अध्यक्ष का अगला चुनाव 18 मार्च 2027 को मोरक्को की राजधानी रबात में होने वाली फीफा कांग्रेस के दौरान होगा। इन्फेंटिनो ने इससे पहले ही दोबारा चुनाव लड़ने का अपना इरादा जाहिर कर दिया था। अब फीफा के प्रवक्ता ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि उनके फैसले में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यानी तमाम विवादों के बावजूद इन्फेंटिनो चुनावी मैदान से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
इन्फेंटिनो ने 2016 में फीफा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद वह दो बार फिर इस पद के लिए चुने गए। अब 2027 में होने वाला चुनाव उनके लिए चौथे कार्यकाल का रास्ता खोल सकता है। फीफा के मौजूदा नियमों के मुताबिक उनके कार्यकाल की गणना में अध्यक्ष बनने से पहले संगठन में बिताए गए कुछ वर्षों को भी शामिल किया गया है, इसलिए 2027 के बाद उनके भविष्य को लेकर भी चर्चा बनी हुई है।
उम्मीदवारों के लिए 18 नवंबर तक का समय
इन्फेंटिनो के सामने चुनावी चुनौती पेश करने के इच्छुक उम्मीदवारों को 18 नवंबर 2026 तक अपनी आधिकारिक दावेदारी घोषित करनी होगी। इसके साथ ही उम्मीदवार को कम से कम पांच फीफा सदस्य संघों का समर्थन हासिल करना जरूरी है। अभी तक इन्फेंटिनो के खिलाफ किसी मजबूत उम्मीदवार ने आधिकारिक रूप से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की है।
यही वजह है कि आने वाले कुछ महीने फीफा की राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अगर एक से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं तो चुनाव में मुकाबला कभी ज्यादा चुनौती भरा हो सकता है। वहीं, अगर कोई बड़ा नाम चुनौती नहीं देता है तो इन्फेंटिनो के दोबारा चुने जाने की संभावना मजबूत मानी जाएगी।
निजी निवेश को लेकर बढ़ा था विवाद
इन्फेंटिनो के नेतृत्व को लेकर हाल में सबसे बड़ा विवाद फीफा की प्रतियोगिताओं में निजी निवेश की संभावनाओं को लेकर सामने आया था। रिपोर्टों में दावा किया गया था कि फीफा अपनी कुछ प्रतियोगिताओं के व्यावसायिक अधिकारों में निजी निवेशकों को शामिल करने की संभावनाएं तलाश रहा है। इस प्रस्ताव ने यूरोपीय फुटबॉल संगठनों के बीच चिंता बढ़ा दी थी।
यूरोपीय फुटबॉल संघ UEFA और उसके सदस्य देशों की ओर से इसका कड़ा विरोध किया गया। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि फीफा प्रतियोगिताओं के बहिष्कार की चेतावनी तक सामने आई। UEFA की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि विश्व कप और दूसरी बड़ी फुटबॉल प्रतियोगिताओं को ऐसे निवेश उत्पाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, जिनमें निजी निवेशकों की भूमिका बढ़ाई जाए।
योजना वापस लेने के बाद कुछ कम हुआ विरोध
बढ़ते विरोध के बीच फीफा ने प्रतियोगिताओं में निजी निवेश से जुड़ी योजना को आगे नहीं बढ़ाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद यूरोपीय फुटबॉल संगठनों का विरोध कुछ शांत हुआ। हालांकि, इस पूरे विवाद ने इन्फेंटिनो के नेतृत्व और फीफा के काम करने के तरीके को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए। इस्तीफे की मांग के बीच इन्फेंटिनो ने इन विवादों पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी है। हाल में पोलैंड में आयोजित महिला अंडर-20 विश्व कप के दौरान भी उनसे विवादित मुद्दों पर सवाल किए गए, लेकिन उन्होंने इस मामले पर टिप्पणी करने से परहेज किया।
अब 2027 के चुनाव पर टिकी नजर
इन्फेंटिनो 2027 में होने वाले चुनाव में इन्फेंटिनो के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि क्या कोई मजबूत प्रतिद्वंद्वी उनके खिलाफ चुनावी मैदान में उतरता है। 18 नवंबर तक उम्मीदवारों की भागीदारी स्पष्ट होने के बाद ही पता चलेगा कि 2027 का चुनाव महज औपचारिकता रहेगा या फीफा के शीर्ष पद के लिए वास्तव में कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।


