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FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप में वायरल हुई ये खूबसूरत हसीना, एक फोटो ने इंटरनेट हिला दिया
FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नॉर्वे की जीत के बाद कोच स्टाले सोलबक्केन की बेटी इडा सोलबक्केन सोशल मीडिया पर छा गई हैं। जानिए इडा की लोकप्रियता, स्टाले के संघर्ष और नॉर्वे की सफलता की पूरी कहानी।
FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नॉर्वे की टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है। टीम ने ग्रुप चरण में लगातार दो मुकाबले जीतकर नॉकआउट दौर में जगह बना ली है। अब सभी की नजरें उसके अगले मैच पर हैं। स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड की मौजूदगी ने टीम को और मजबूत बनाया है, जबकि मुख्य कोच स्टाले सोलबक्केन की रणनीति की भी खूब तारीफ हो रही है। हाल ही में सेनेगल के खिलाफ 3-2 की रोमांचक जीत के बाद खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने जीत का जश्न मनाया। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक और नाम तेजी से वायरल होने लगा। यह नाम था कोच स्टाले सोलबक्केन की 22 वर्षीय बेटी इडा सोलबक्केन का। मैच खत्म होने के बाद स्टाले सोलबक्केन और उनकी पत्नी अन्निकेन की कुछ भावुक तस्वीरें सामने आईं, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया।
इडा सोलबक्केन की सोशल मीडिया पर बढ़ी लोकप्रियता
इन तस्वीरों में स्टाले सोलबक्केन अपनी पत्नी के साथ खुशी के पल साझा करते दिखाई दिए। इडा सोलबक्केन ने भी इन तस्वीरों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इससे बड़ा पल उनके परिवार के लिए नहीं हो सकता। इसके बाद फुटबॉल फैंस का ध्यान इडा की ओर चला गया और उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर फॉलोअर्स तेजी से बढ़ने लगे। इडा पेशे से मेडिकल की छात्रा हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी पहचान है। वह अक्सर अपनी ट्रैवल, फिटनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा करती हैं। वर्ल्ड कप के दौरान उनकी लोकप्रियता में और ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली। कई लोग अब उन्हें नॉर्वे की टीम की "लकी चार्म" तक कहने लगे हैं।
दिल का दौरा पड़ा, फिर भी नहीं मानी हार
सोलबक्केन परिवार की कहानी सिर्फ मौजूदा सफलता तक सीमित नहीं है। साल 2001 में स्टाले सोलबक्केन की जिंदगी में एक ऐसा समय आया था, जिसने उनका पूरा जीवन बदल दिया। उस समय वह डेनमार्क के क्लब कोपेनहेगन के लिए खेल रहे थे। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि कुछ समय के लिए डॉक्टरों ने उन्हें क्लिनिकली मृत घोषित कर दिया था।
मौत को मात देकर बने सफल कोच
हालांकि डॉक्टरों की लगातार कोशिशों से उनकी जान बच गई, लेकिन इस घटना के बाद उन्हें पेशेवर फुटबॉल से संन्यास लेना पड़ा। इसके बाद उन्होंने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और धीरे-धीरे अपनी मेहनत के दम पर यूरोप के सफल कोचों में अपनी पहचान बनाई। आज उनके नेतृत्व में नॉर्वे की टीम विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर रही है। एक तरफ मैदान पर नॉर्वे की टीम लगातार जीत दर्ज कर रही है, तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इडा सोलबक्केन लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इस समय सोलबक्केन परिवार की सफलता और संघर्ष की कहानी दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों को प्रेरित कर रही है।


