उस रात मुझे नींद नहीं आई...., संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को टीम में चुनने पर बोले गौतम गंभीर

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने जब इंग्लैंड सीरीज के दौरान संजू सैमसन की जगह पर वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका दिया, तो इसे लेकर उन्होंने एक बहुत बड़ा खुलासा किया है। गंभीर का मानना है कि उनके लिए यह फैसला बिल्कुल आसान नहीं था।

kalpkalal
Published on: 24 Sept 2026 3:38 PM IST
उस रात मुझे नींद नहीं आई...., संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को टीम में चुनने पर बोले गौतम गंभीर
X

कई बार टीम के कोच के लिए स्थिति ऐसी हो जाती है कि उन्हें दो खिलाड़ियों के बीच किसी एक का चयन करना होता है, जबकि दोनों अपनी-अपनी जगह पर बेहतर बेहतरीन खेल दिखा रहे हो। हेड कोच गौतम गंभीर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। एक तरफ उनके सामने आईपीएल स्टार वैभव सूर्यवंशी थे, वहीं दूसरी ओर टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी संजू सैमसन, इन दोनों में से उन्हें किसी एक को चुनना था।

गौतम गंभीर ने उस वक्त ये बात बताई जब आईपीएल 2026 में ऑरेंज कप जीतने वाले वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ खेली जाने वाली टी20 सीरीज के लिए चुना गया लेकिन कप्तान और कोच दोनों के लिए यह फैसला आसान नहीं था।

गौतम गंभीर के लिए वैभव को चुनना नहीं था आसान

वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने का मौका तो मिला, लेकिन कप्तान और कोच समझ नहीं पा रहे थे कि उन्हें किसकी जगह पर खिलाया जाए। फिर यह तय हुआ कि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जो दोनों ओपनर है, उसमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं होगा। पर जब संजू बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए तो फिर वैभव सूर्यवंशी को उनकी जगह पर टीम में मौका मिला।

इतना ही नहीं इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान जब जिंबॉब्वे के खिलाफ 3 मैचों की टी20 के लिए भारतीय स्क्वाड का ऐलान हुआ तो इसमें भी संजू सैमसन को बाहर रखा गया। अब इस पूरे फैसले को लेकर गौतम गंभीर ने एक बड़ा बयान दिया है।

उस रात अपने फैसले के बाद सोए नहीं गंभीर

संजू सैमसन को इंग्लैंड सीरीज के दौरान वैभव सूर्यवंशी के लिए ड्रॉप करने पर गौतम गंभीर ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बताया कि उनके लिए यह फैसला बिल्कुल भी आसान नहीं था। गौतम गंभीर ने कहा 'सच कहूं तो मेरे 2 साल के सफर में शायद वह एक मात्र रात थी जब मुझे नींद नहीं आई और मैंने यह बात संजू को भी बताई थी, क्योंकि मुझे पता था कि टी20 प्रारूप में कोचिंग के दौरान यह शायद सबसे कठिन फैसला था। उस समय परिस्थिति ऐसी थी कि भारत को टॉप ऑर्डर में एक तेजी से रन बनाने वाला खिलाड़ी था और सूर्यवंशी कमाल के फॉर्म में चल रहे थे'। अच्छी बात यह थी कि संजू सैमसन को इस फैसले से बिल्कुल भी आपत्ति नहीं हुई।

kalpkalal
ABOUT THE AUTHOR

kalpkalal

kalpkalal@gmail.com
Next Story