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IPL 2026 में हनी ट्रैप…BCCI ने जारी की 7 पेज की नई गाइडलाइन, जानें पूरा मामला
Honey Trap In IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) का आधे से ज्यादा सीजन पूरा हो चुका है, लेकिन इसी बीच टूर्नामेंट के अंदर सामने आई कई घटनाओं ने बीसीसीआई की चिंता बढ़ा दी है।
Honey Trap In IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) का आधे से ज्यादा सीजन पूरा हो चुका है, लेकिन इसी बीच टूर्नामेंट के अंदर सामने आई कई घटनाओं ने बीसीसीआई (BCCI) की चिंता बढ़ा दी है। हालात को देखते हुए बोर्ड ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए खिलाड़ियों, टीम मैनेजमेंट और फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए एक सात पेज की विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है।
अनधिकृत लोगों की एंट्री से बढ़ी चिंता
बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कई जगहों पर अनधिकृत लोग टीम बस, होटल और डगआउट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में घूमते या यात्रा करते पाए गए हैं। इस गंभीर लापरवाही ने बोर्ड को सतर्क कर दिया है।
इसी के साथ कुछ ऐसे मामलों की भी ओर इशारा किया गया है जो अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन नियमों के उल्लंघन से जुड़े हैं।
सभी टीमों को भेजी गई एडवाइजरी
बीसीसीआई ने सभी आईपीएल फ्रेंचाइजी को तत्काल एडवाइजरी भेजते हुए इस वीकेंड सभी टीमों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इस बैठक का मकसद नियमों की याद दिलाना और उन टीमों या व्यक्तियों पर कार्रवाई तय करना है जिन्होंने रूल बुक का पालन नहीं किया है।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने जानकारी देते हुए बताया कि खिलाड़ियों और टीमों के आचरण से जुड़े नियम 2008 से लागू हैं, लेकिन हाल के समय में इन नियमों को लेकर लापरवाही बढ़ती दिख रही है, इसलिए अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
होटल और टीम बस में भी सख्ती
एक इंटरव्यू के दौरान देवजीत सैकिया ने यह भी बताया कि टीम बस, होटल और डगआउट एरिया में बाहरी लोगों की मौजूदगी एक गंभीर समस्या बनकर सामने आई है। खिलाड़ियों और स्टाफ को नियमों का पालन करना अनिवार्य है, और हर गतिविधि का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
गोपनीय रिपोर्ट ने बढ़ाई हलचल
वहीं बीसीसीआई को एंटी-करप्शन यूनिट से कुछ बेहद महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारियां मिली हैं। यूनिट ने बोर्ड को बताया है कि केवल सामने आई घटनाएं ही नहीं, बल्कि उससे भी अधिक गंभीर उल्लंघन की आशंका है।
बोर्ड ने अब तक दो मामलों को स्वीकार किया है, जो राजस्थान रॉयल्स से जुड़े हैं। पहले मामले में टीम मैनेजर को डगआउट में फोन इस्तेमाल करते पकड़ा गया था, जबकि दूसरे मामले में कप्तान रियान पराग का ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। बोर्ड इन मामलों में जुर्माना लगा चुका है, लेकिन वेपिंग मामले की जांच अभी भी जारी है।
नई सात पेज की गाइडलाइन में सख्त नियम
बीसीसीआई की नई गाइडलाइन में सबसे पहले यह चेतावनी दी गई है कि हाई प्रोफाइल खिलाड़ियों को निशाना बनाकर हनी ट्रैप जैसी घटनाओं में फंसाने की कोशिश हो सकती है, जिससे गंभीर कानूनी और आपराधिक मामले बन सकते हैं। सभी टीमों को हर समय सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा स्पष्ट किया गया है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के खिलाड़ियों या स्टाफ के कमरों में जाने की अनुमति नहीं होगी और मुलाकात केवल सार्वजनिक स्थानों पर ही की जा सकेगी।
खिलाड़ियों की आवाजाही पर सख्त निगरानी
यहां बीसीसीआई ने पाया है कि कई खिलाड़ी सुरक्षा अधिकारियों को बिना बताए होटल से बाहर चले जाते हैं। अब नया नियम लागू किया गया है कि होटल से बाहर जाने के लिए सुरक्षा अधिकारी की अनुमति अनिवार्य होगी और हर गतिविधि का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा।
साथ ही खिलाड़ियों को स्टेडियम, होटल और प्रैक्टिस के दौरान अपना पहचान पत्र गले में पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, क्योंकि कई बार आईडी कार्ड दिखाने में आनाकानी की गई थी।
टीम मालिकों की एंट्री और वेपिंग पर पूरी रोक
बीसीसीआई ने टीम मालिकों को लेकर भी सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं। अब मालिक मैच के दौरान डगआउट या ड्रेसिंग रूम में जाकर खिलाड़ियों से बातचीत नहीं कर सकेंगे और न ही उन्हें गले लगा सकेंगे, इसे मैच की मर्यादा का उल्लंघन माना जाएगा।
इसके साथ ही ड्रेसिंग रूम, डगआउट और होटल में वेपिंग को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। चूंकि भारत में ई सिगरेट पहले से ही गैरकानूनी है, इसलिए ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
सख्ती की ओर बढ़ता आईपीएल 2026
वहीं इन घटनाओं और नियमों के बाद यह साफ हो गया है कि बीसीसीआई अब आईपीएल 2026 में किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आने वाली बैठक में कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है, जिससे लीग के संचालन में और सख्ती देखने को मिल सकती है।


