गोल्ड से चूके मनीष नरवाल, फिर कैसे हासिल कर लिया 2028 पैरालंपिक का टिकट?

Manish Narwal Silver Medal: Asian Para Games 2026 में मनीष नरवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल में रजत पदक जीतकर लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 का कोटा हासिल किया।

Shalni Kumari
Published on: 20 Oct 2026 1:31 PM IST
Asian Para Games 2026
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Manish Narwal Silver Medal

Manish Narwal Silver Medal: नागोया में भारतीय पैरा निशानेबाजों (Para Shooters) का शानदार प्रदर्शन जारी है। मनीष नरवाल (Manish Narwal) ने एशियाई पैरा खेलों (Asian Para Games) में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा (Men’s 10m Air Pistol SH1 Event) में रजत पदक (Silver Medal) जीतकर न सिर्फ देश का मान बढ़ाया, बल्कि लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 (Los Angeles Paralympics 2028) के लिए कोटा (Quota) भी हासिल कर लिया। वहीं, महिला वर्ग में सृष्टि अरोड़ा (Srishti Arora) ने कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतकर भारत की पदक तालिका (Medal Tally) में एक और उपलब्धि जोड़ दी।

शूटिंग में भारत के खाते में चार पदक

इस प्रदर्शन के साथ निशानेबाजी (Shooting) में भारत के कुल पदकों की संख्या चार हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक एक स्वर्ण (Gold), दो रजत (Silver) और एक कांस्य (Bronze) पदक अपने नाम किया है। मनीष नरवाल ने आठ खिलाड़ियों के बीच हुए फाइनल (Final) में 233.7 अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। दक्षिण कोरिया (South Korea) के जो जियोंगडू (Jo Jeongdu) ने 241.3 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। उनका स्कोर एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड (New Record) भी बना। चीन (China) के यांग चाओ (Yang Chao) को कांस्य पदक मिला, जबकि भारत के रुद्रांक्ष खंडेलवाल (Rudransh Khandelwal) 127.3 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहे।

फाइनल में शुरुआत अच्छी, लेकिन गोल्ड से चूके नरवाल

हरियाणा के बल्लभगढ़ के रहने वाले अर्जुन पुरस्कार (Arjuna Award) विजेता नरवाल ने फाइनल में अच्छी शुरुआत की, लेकिन शुरुआती पांच शॉट के बाद दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने 4.3 अंकों की बढ़त बना ली। कोरियाई निशानेबाज ने अंत तक अपनी बढ़त कायम रखी और शीर्ष स्थान हासिल किया। नरवाल ने क्वालिफिकेशन राउंड (Qualification Round) में 570 अंक बनाकर पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं, रुद्रांक्ष खंडेलवाल 571 अंक के साथ क्वालिफाइंग में दूसरे स्थान पर रहे थे।

पेरिस पैरालंपिक में भी जीता था रजत

नरवाल के लिए यह पदक उनके अंतरराष्ट्रीय करियर (International Career) की एक और अहम उपलब्धि है। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 (Paris Paralympics 2024) में भी इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इससे पहले हांगझोउ में 2023 के एशियाई पैरा खेलों (Asian Para Games 2023) में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था। नरवाल शुरुआत में पेशेवर फुटबॉलर (Professional Footballer) बनना चाहते थे, लेकिन शारीरिक अक्षमता के चलते उन्होंने निशानेबाजी को अपना करियर बनाया और इस खेल में अपनी अलग पहचान स्थापित की।

सृष्टि अरोड़ा ने भी दिलाया भारत को कांस्य पदक

महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में सृष्टि अरोड़ा ने 214.7 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। ईरान की फ़ैज़ेह अहमदी (Faezeh Ahmadi) ने 237.3 अंक के साथ स्वर्ण और उनकी हमवतन सारेह जवानमर्दी (Sareh Javanmardi) ने 237 अंक के साथ रजत पदक जीता। भारत की दूसरी निशानेबाज सुमेधा पाठक (Sumedha Pathak) 111.4 अंक के साथ फाइनल से बाहर होने वाली पहली खिलाड़ी रहीं।

क्या है एसएच1 श्रेणी?

एसएच1 श्रेणी (SH1 Category) में ऐसे पैरा निशानेबाज शामिल होते हैं, जिन्हें हाथ या पैर में दिव्यांगता होती है, लेकिन वे बिना किसी अतिरिक्त सहारे के बंदूक पकड़कर निशाना लगा सकते हैं। मनीष नरवाल और सृष्टि अरोड़ा के पदकों ने एशियाई पैरा खेलों में भारत की निशानेबाजी टीम (Indian Shooting Team) के प्रदर्शन को और मजबूत किया है। नरवाल के लिए रजत पदक के साथ पैरालंपिक कोटा हासिल करना इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा।

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