IPL क्रिकेटर Shashank Singh और Ex-IPS पिता पर FIR, कुक ने बताया बंगले के अंदर का काला सच!

Shashank Singh FIR: आईपीएल क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके रिटायर्ड आईपीएस पिता शैलेश सिंह पर भोपाल में रसोइए से मारपीट, गाली-गलौज और बंधक बनाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित कुक ने कमरे में बंद होकर जान बचाने का दावा किया है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 30 Jun 2026 7:52 AM IST
Shashank Singh FIR
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Shashank Singh FIR: आईपीएल क्रिकेटर शशांक सिंह (Shashank Singh) और उनके रिटायर्ड आईपीएस पिता शैलेश सिंह (Shailesh Singh) पर गंभीर आरोप लगे हैं। भोपाल (Bhopal) पुलिस ने अपने घर में काम करने वाले रसोइए के साथ मारपीट, गाली-गलौज और उसे अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने के आरोप में दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। इस मामले में परिवार के ड्राइवर को भी सह-आरोपी बनाया गया है।

यह पूरा मामला भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के मेंदोरी गांव स्थित आवास का है। मूल रूप से रीवा के रहने वाले 31 वर्षीय विपेंद्र सिंह तोमर (Vipendra Singh Tomar) ने पुलिस में लिखित शिकायत देकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी है।

सरकारी नौकरी का भरोसा देकर बुलाने का आरोप

पीड़ित विपेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक, उन्हें हाल ही में एक परिचित के जरिए इस घर में काम करने के लिए लाया गया था। शिकायत के अनुसार, उन्हें 15 हजार रुपये प्रति माह वेतन, रहने और खाने की सुविधा देने के साथ-साथ भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन भी दिया गया था।

विपेंद्र का आरोप है कि काम शुरू करने के कुछ ही घंटों के भीतर घर में बने खाने की गुणवत्ता को लेकर उन पर मानसिक दबाव बनाया जाने लगा। उन्होंने शिकायत में कहा है कि इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज भी की गई और लगातार प्रताड़ित किया गया।

नौकरी छोड़ने की बात कहने पर बढ़ा विवाद

पीड़ित रसोइए के अनुसार, घर के माहौल को देखकर उन्होंने नौकरी छोड़ने और वापस रीवा लौटने की इच्छा जताई थी। लेकिन ऐसा करने की बात कहने पर आरोपी नाराज हो गए।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनका मोबाइल फोन जबरन छीन लिया गया, ताकि वह किसी से संपर्क न कर सकें। साथ ही उन पर जबरन काम जारी रखने का दबाव भी बनाया गया।

कमरे में बंद होकर बचाई जान

विपेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि खुद को बचाने के लिए उन्होंने एक कमरे में बंद होकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। लेकिन इसके बावजूद शशांक सिंह, उनके पिता शैलेश सिंह और परिवार के ड्राइवर ने दरवाजा खुलवाकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।

पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल परीक्षण में पीड़ित के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। मेडिकल रिपोर्ट में चोटों की पुष्टि होने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है।

BNS की धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर

रातीबड़ पुलिस (Ratibad Police) ने पीड़ित की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज किया गया है।

एफआईआर में धारा 296(बी) (BNS Section 296B) के तहत अश्लील कृत्य और सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज, धारा 115(2) (BNS Section 115(2)) के तहत स्वेच्छा से चोट पहुंचाने या मारपीट करने तथा धारा 3(5) (BNS Section 3(5)) के तहत समान इरादे से कई लोगों द्वारा किए गए कृत्य से जुड़ी धाराएं शामिल की गई हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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