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जिसके मन में जो आ रहा वो कर रहा...., वैभव सूर्यवंशी को लेकर चल रही तानाशाही पर भड़के कोच
वैभव सूर्यवंशी को वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज के एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद वैभव के बचपन के कोच ने अब इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए टीम मैनेजमेंट पर बड़ा आरोप लगा दिया है।
वैभव सूर्यवंशी ने इसी साल जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल डेब्यू किया था, जिन्होंने अभी तक भारत के लिए 8 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, लेकिन अभी भी वैभव को भारतीय सरजमीं पर इंटरनेशनल मैच खेलने का चांस नहीं मिला है। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में भी उन्हें बेंच पर बिठाया गया और वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज में उन्हें अभी तक किसी भी मैच में शामिल नहीं किया गया है। अब इस पूरे मामले पर वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा का गुस्सा फूटा है जिन्होंने भारतीय टीम मैनेजमेंट पर बड़ा आरोप लगाया है।
इस बात पर भड़के वैभव सूर्यवंशी के कोच
दिए गए इंटरव्यू में वैभव के कोच मनीष ओझा ने मैनेजमेंट पर बड़ा आरोप लगाते हुए यह कहा कि 'मुझे लगता है कि अभी जो मैनेजमेंट है वह एक तरह की तानाशाही दिखा रही है। जिसके मन में जो आ रहा है वह किया जा रहा है। अभी के भारतीय टीम मैनेजमेंट को लगता है कि वो खिलाड़ियों को बेंच पर बैठा कर तैयार करते हैं। बेंच पर बैठकर कोई खिलाड़ी न कभी बना है, ना बनेगा या तो उन्होंने मन बना लिया है इस बच्चे को मौका नहीं दिया जाएगा। उसे बाहर रखेंगे और उसे फ्रस्ट्रेट करेंगे। वह बाहर बैठकर पानी पिला रहा है'।
हालांकि गौतम गंभीर यह साफ स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी सूर्यवंशी से बातचीत हुई है, उन्हें अपने मौके का इंतजार करना होगा।
वैभव और सैमसन के बीच ओपनिंग स्लॉट को लेकर है कंपटीशन
दरअसल बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन के बीच टी20 टीम में ओपनिंग स्लॉट के लिए कड़ा कंपटीशन देखने को मिल रहा है। भारतीय टीम मैनेजमेंट सैमसन और अभिषेक शर्मा के ओपनिंग कांबिनेशन के साथ आगे बढ़ रही है। दरअसल सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अहम भूमिका निभाई थी जो प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। यही वजह है कि वैभव सूर्यवंशी के जगह उन्हें लगातार टीम में मौके दिए जा रहे हैं। पहले भी इंग्लैंड दौरे पर जब सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका मिला तो सैमसन को प्लेइंग 11 से बाहर रखने पर गौतम गंभीर ने इसे अपने कोचिंग कार्यकाल का सबसे कठिन फैसला बताया था।


