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308-Wheel Heavy Haul Truck :बिहार की सड़क पर उतरा 308 पहियों वाला ‘बाहुबली’ ट्रक, 200 टन की मशीनरी देखकर थम गईं लोगों की नजरें
308-Wheel Heavy Haul Truck : बिहार के कैमूर में 308 पहियों वाला विशाल ट्रक 200 टन की मशीनरी लेकर गुजरा। जानिए इस Heavy Haul Truck का रूट, खासियत और इतनी बड़ी मशीनरी क्यों ले जाई गई।
308-Wheel Heavy Haul Truck : in Bihar Carries 200-Ton Machinery, Leaves Crowd Stunned
308-Wheel Heavy Haul Truck: क्या आपने अभी तक अपने आसपास ऐसा कोई चलता फिरता वाहन देखा है जिसके एक नहीं बल्कि अनगिनत पहिये हों इतने की पहियों की गिनती करते-करते आप थक जाएं। बिहार के कैमूर जिले के कुदरा में इन दिनों कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। 308 पहियों वाला विशाल ट्रक करीब 200 टन भारी मशीनरी लेकर सड़क से गुजरा तो उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। किसी ने मोबाइल निकालकर वीडियो बनाया तो कोई सड़क किनारे खड़े होकर इस विशाल वाहन को निहारता रहा। ट्रक पर लदी मशीनरी का आकार भी सामान्य मालवाहक वाहनों से काफी बड़ा था। यही वजह रही कि कुदरा में इसके गुजरने के दौरान हाईवे पर मौजूद लोगों की नजरें इस पर टिक गईं। सोशल मीडिया पर भी इस विशाल ट्रक और इसके काफिले के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
308 पहिए, 200 टन की मशीनरी और बेहद खास कार्गो
यह कोई सामान्य ट्रक नहीं है। करीब 200 टन वजन वाली भारी मशीनरी को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए मल्टी-एक्सल हैवी हॉल ट्रेलर जैसे विशेष वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे वाहनों में वजन को कई एक्सल और बड़ी संख्या में पहियों पर बांटा जाता है, जिससे सड़क पर भारी भार को नियंत्रित तरीके से ले जाया जा सके। कुदरा से गुजर रहे इस वाहन में कुल 308 पहिए बताए गए हैं। इतने पहियों का इस्तेमाल केवल वाहन का वजन संभालने के लिए ही नहीं, बल्कि भारी और बड़े आकार के कार्गो को सुरक्षित तरीके से मोड़ने और नियंत्रित करने में भी मदद करता है।
बेल्जियम से शुरू हुआ सफर, समुद्र के रास्ते भारत पहुंची मशीनरी
मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रक पर लदी भारी मशीनरी का सफर बेल्जियम से शुरू हुआ। मशीनरी को समुद्री मार्ग के जरिए भारत लाया गया और इसकी खेप ओडिशा पहुंची। इसके बाद इसे सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश के बलरामपुर स्थित एक चीनी मिल तक पहुंचाया जा रहा है। यानी यह पूरा सफर केवल एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं है। यूरोप से समुद्र के रास्ते भारत और फिर देश के अलग-अलग हिस्सों से होकर सड़क मार्ग से मशीनरी को गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है।
ओवरब्रिज के नीचे से गुजरना सबसे बड़ी चुनौती
कुदरा में इस विशाल वाहन के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा रेल ओवरब्रिज के नीचे से गुजरना रहा। भारी मशीनरी की ऊंचाई और पूरे वाहन की लंबाई को देखते हुए रास्ते पर विशेष सावधानी बरती गई। ऐसे भारी-भरकम कार्गो को ले जाने के दौरान सिर्फ वजन ही नहीं, बल्कि वाहन की कुल ऊंचाई, चौड़ाई, लंबाई, मोड़ और सड़क की क्षमता का भी ध्यान रखना पड़ता है। ओवरब्रिज, बिजली की लाइन, संकरे मोड़ और घनी आबादी वाले हिस्से ऐसे काफिले के लिए खास चुनौती बन सकते हैं। कुदरा में भी वाहन को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया। इस दौरान एनएच-19 पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की कतार भी देखने को मिली।
आखिर इतने बड़े ट्रक की जरूरत क्यों पड़ती है?
भारी उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी को सामान्य ट्रक में ले जाना संभव नहीं होता। पावर प्लांट, स्टील, सीमेंट, चीनी मिल, पेट्रोकेमिकल और बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट से जुड़ी मशीनों का वजन कई टन से लेकर सैकड़ों टन तक हो सकता है। ऐसे मामलों में ओवरसाइज और ओवरवेट कार्गो ट्रांसपोर्ट के लिए विशेष ट्रेलर इस्तेमाल किए जाते हैं। जरूरत के हिसाब से इनमें एक्सल की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इससे भार कई पहियों में वितरित होता है और वाहन को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। कुदरा में दिखाई दिया 308 पहियों वाला यह विशाल वाहन इसी वजह से आम लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया।


