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CNG vs Hybrid vs EV: जानें किस कार में होगी सबसे ज्यादा बचत, देखें पूरा हिसाब
CNG, Hybrid या EV: में कौन-सी कार सबसे ज्यादा बचत कराती है? जानें रनिंग कॉस्ट, मेंटेनेंस, खरीद कीमत और चार्जिंग के आधार पर कौन-सा विकल्प बेहतर है।
CNG vs Hybrid vs EV: Which Car Offers the Best Savings?
CNG vs Hybrid vs EV:भारतीय ऑटो बाजार में बदलते रुख के साथ कार खरीदते समय अब सिर्फ कीमत, लुक और फीचर्स नहीं देखे जाते। पेट्रोल की कीमत और रोजाना बढ़ते रनिंग कॉस्ट ने खरीदारों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कार चलाने में हर महीने कितना खर्च आएगा। यही वजह है कि CNG, Hybrid और Electric Vehicle यानी EV जैसे विकल्प तेजी से चर्चा में हैं। आइए जानते हैं इन तीनों में वास्तव में सबसे ज्यादा बचत किसमें होती है? आपकी रोजाना ड्राइविंग, कार खरीदने का बजट, चार्जिंग या CNG की सुविधा और कार कितने साल चलानी है, इन सभी बातों पर यह निर्भर करता है कि कौन-सा विकल्प आपके लिए बेहतर रहेगा।
CNG कार: कम रनिंग कॉस्ट, लेकिन स्टेशन की उपलब्धता जरूरी
CNG कार उन लोगों के लिए आकर्षक विकल्प है जो रोजाना काफी किलोमीटर ड्राइव करते हैं और उनके शहर या रूट पर CNG स्टेशन आसानी से उपलब्ध हैं। करीब 70-80 रुपये प्रति किलो CNG कीमत और 20-25 किलोमीटर प्रति किलो माइलेज के हिसाब से इसका रनिंग खर्च लगभग 3-4 रुपये प्रति किलोमीटर बैठ सकता है।
उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति महीने में 1,500 किलोमीटर कार चलाता है तो सिर्फ CNG पर उसका खर्च करीब 4,500-6,000 रुपये हो सकता है। वास्तविक खर्च कार के मॉडल, ट्रैफिक, ड्राइविंग स्टाइल और CNG की स्थानीय कीमत पर निर्भर करेगा। CNG कारों का एक फायदा यह भी है कि इनमें पेट्रोल बैकअप मौजूद रहता है। लेकिन CNG सिलेंडर के कारण बूट स्पेस कम हो सकता है और देश के हर हिस्से में CNG स्टेशन की सुविधा समान नहीं है।
Hybrid कार: शहर में ज्यादा फायदा
Hybrid कार पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी का इस्तेमाल करती है। खासतौर पर Strong Hybrid मॉडल शहर के ट्रैफिक में बार-बार रुकने और चलने के दौरान इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल करके ईंधन की खपत कम कर सकते हैं।
इनका बड़ा फायदा यह है कि इन्हें अलग से चार्ज करने की जरूरत नहीं होती। बैटरी ब्रेकिंग के दौरान मिलने वाली ऊर्जा और इंजन के जरिए चार्ज होती रहती है। इसलिए उन लोगों के लिए Hybrid सुविधाजनक विकल्प है जो EV जैसी कम ईंधन खपत चाहते हैं, लेकिन चार्जिंग की चिंता नहीं करना चाहते। Hybrid कार की शुरुआती कीमत आमतौर पर समान पेट्रोल मॉडल से ज्यादा होती है। इसलिए इसका फायदा लंबे समय तक कार रखने और ज्यादा किलोमीटर चलाने पर बेहतर तरीके से दिखाई देता है।
EV: प्रति किलोमीटर खर्च सबसे कम
Electric Vehicle की सबसे बड़ी ताकत इसकी कम रनिंग कॉस्ट है। घरेलू चार्जिंग में बिजली की स्थानीय दर के आधार पर EV को चलाने का खर्च कई मामलों में पेट्रोल, CNG और Hybrid कारों से कम पड़ सकता है। मसलन, अगर किसी EV की वास्तविक ऊर्जा खपत लगभग 0.12-0.16 kWh प्रति किलोमीटर है और बिजली की दर 7-10 रुपये प्रति यूनिट है, तो घरेलू चार्जिंग के आधार पर ऊर्जा लागत लगभग 0.8-1.6 रुपये प्रति किलोमीटर के आसपास आ सकती है। फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल करने पर खर्च ज्यादा हो सकता है। EV में इंजन ऑयल, स्पार्क प्लग और कई पारंपरिक इंजन पार्ट्स की जरूरत नहीं होती, जिससे नियमित मेंटेनेंस भी कम हो सकता है। लेकिन इसकी शुरुआती कीमत, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबी दूरी की यात्रा की योजना को ध्यान में रखना जरूरी है।
फिर किसे खरीदना ज्यादा फायदेमंद?
अगर आपकी प्राथमिकता कम शुरुआती बजट और कम रनिंग कॉस्ट है और आपके इलाके में CNG आसानी से मिलती है, तो CNG कार व्यावहारिक विकल्प हो सकती है।
अगर आप शहर में ज्यादा ड्राइव करते हैं लेकिन चार्जिंग की झंझट नहीं चाहते, तो Strong Hybrid बेहतर संतुलन दे सकती है। वहीं अगर आपके पास घर या ऑफिस में नियमित चार्जिंग की सुविधा है और रोजाना पर्याप्त किलोमीटर कार चलाते हैं, तो EV लंबे समय में सबसे कम रनिंग कॉस्ट वाला विकल्प बन सकती है।
सिर्फ माइलेज देखकर फैसला न करें
कार खरीदते समय केवल प्रति किलोमीटर खर्च देखना सही तरीका नहीं है। खरीद कीमत, इंश्योरेंस, सर्विस, टायर, बैटरी से जुड़ी लागत, चार्जिंग या CNG की उपलब्धता और कार की रीसेल वैल्यू भी कुल खर्च को प्रभावित करती है।
इसलिए CNG सबसे सस्ती ही होगी या EV हमेशा सबसे फायदेमंद होगी, ऐसा कोई एक नियम नहीं है।
कम दूरी और सीमित इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के लिए सस्ती पेट्रोल कार भी बेहतर सौदा हो सकती है, जबकि रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले व्यक्ति के लिए CNG, Hybrid या EV का अतिरिक्त शुरुआती खर्च समय के साथ रिकवर हो सकता है।


