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Crash Test Fail: क्रैश टेस्ट में खुल गई पोल! यात्रियों की सुरक्षा में कमजोर साबित हुईं ये गाड़ियां
Car Crash Test Fail Rating India 2026: Global NCAP टेस्ट में फेल हुईं ये पॉपुलर गाड़ियां, जानिए आपकी कार कितनी सुरक्षित
Crash Test Fail Cars Global NCAP Rating India 2026
Crash Test Fail Cars Global NCAP Rating India 2026: लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं ने ग्राहकों को चौकन्ना कर दिया है। यही वजह है कि आज के दौर में कार खरीदते समय लोग सिर्फ माइलेज, फीचर्स और कीमत नहीं देखते, बल्कि सेफ्टी भी सबसे बड़ा पैमाना बन चुकी है। खासकर फैमिली कार खरीदने वाले ग्राहक अब यह जानना चाहते हैं कि दुर्घटना के समय उनकी कार कितनी सुरक्षा दे पाएगी। यही वजह है कि Global NCAP (ग्लोबल न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम) जैसी एजेंसियों की क्रैश टेस्ट रिपोर्ट अब कार बाजार में काफी अहम मानी जाती है। ग्लोबल न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम कारों को 0 से 5 स्टार तक की सेफ्टी रेटिंग देता है। 5 स्टार का मतलब बेहतरीन सुरक्षा और 0 स्टार का मतलब बेहद कमजोर सुरक्षा माना जाता है। भारत में कई ऐसी पॉपुलर कारें हैं जो बिक्री के मामले में भले ही आगे हों, लेकिन क्रैश टेस्ट में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। इनमें कुछ फैमिली कारें और छोटी SUV भी शामिल हैं।
आखिर क्यों जरूरी है क्रैश टेस्ट रेटिंग?
क्रैश टेस्ट यह बताता है कि दुर्घटना के समय कार यात्रियों को कितना सुरक्षित रख पाएगी। इसमें फ्रंट इम्पैक्ट, साइड इम्पैक्ट, बच्चों की सुरक्षा, एयरबैग्स और बॉडी स्ट्रक्चर जैसी कई चीजों की जांच की जाती है। अगर कार का बॉडी शेल कमजोर हो तो एयरबैग होने के बावजूद गंभीर चोट लग सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में सड़क दुर्घटनाओं में हर साल लाखों लोग घायल होते हैं। ऐसे में मजबूत बॉडी और बेहतर सेफ्टी फीचर्स वाली कार चुनना बेहद जरूरी हो जाता है।
Citroen e-C3: इलेक्ट्रिक कार लेकिन सुरक्षा में कमजोर
Citroën e-C3 को एक मॉडर्न इलेक्ट्रिक हैचबैक माना जाता है, लेकिन सेफ्टी टेस्ट में इसका प्रदर्शन काफी खराब रहा। Global NCAP ने इसे एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 0 स्टार और चाइल्ड सेफ्टी में सिर्फ 1 स्टार दिया।
रिपोर्ट में सामने आया कि इसकी बॉडी स्ट्रक्चर पर्याप्त मजबूत नहीं है। साइड टक्कर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा कमजोर पाई गई। इलेक्ट्रिक कार होने के बावजूद इसमें एडवांस सेफ्टी के मामले में कमी देखी गई।
Maruti Suzuki Eeco
मारुति सुजुकी ईको लंबे समय से भारतीय परिवारों और कमर्शियल इस्तेमाल के बीच काफी लोकप्रिय रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह कम कीमत और ज्यादा सीटिंग क्षमता है। लेकिन सेफ्टी टेस्ट में यह कार काफी कमजोर साबित हुई। Global NCAP ने इसे 0 स्टार रेटिंग दी। टेस्ट में पता चला कि दुर्घटना के समय ड्राइवर के सीने और घुटनों को गंभीर चोट लगने का खतरा ज्यादा रहता है। इसका बॉडी शेल भी अस्थिर पाया गया।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मॉडल काफी पुराना हो चुका है और आधुनिक सुरक्षा मानकों के हिसाब से इसमें बड़े बदलाव की जरूरत है।
Maruti Suzuki S-Presso: SUV
मारुति सुजुकी S-Presso को माइक्रो SUV जैसा डिजाइन दिया गया है, जिसकी वजह से यह युवाओं के बीच काफी पसंद की जाती है। शुरुआत में इसे Global NCAP से 0 स्टार मिले थे। बाद में कंपनी ने इसमें कुछ सुधार किए, जिसके बाद इसे 1 स्टार रेटिंग मिली। हालांकि अब इसमें डुअल एयरबैग्स स्टैंडर्ड दिए जाते हैं, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक इसका फुटवेल एरिया और बॉडी स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर माना जाता है। हाई-स्पीड टक्कर में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल बने हुए हैं।
Renault Kwid
Renault Kwid अपनी स्टाइलिश डिजाइन और कम कीमत की वजह से भारत में काफी लोकप्रिय रही है। लेकिन क्रैश टेस्ट में यह उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। Global NCAP ने इसे 1 स्टार रेटिंग दी। रिपोर्ट के अनुसार ड्राइवर के सिर की सुरक्षा तो ठीक रही, लेकिन सीने और पैरों की सुरक्षा कमजोर पाई गई। बच्चों की सुरक्षा के मामले में भी इसका प्रदर्शन ज्यादा बेहतर नहीं रहा।
Mahindra Bolero Neo:
महिंद्रा मोटर्स की Bolero Neo को ग्रामीण और खराब रास्तों के लिए मजबूत SUV माना जाता है। बाहर से इसकी बनावट काफी सख्त दिखाई देती है, लेकिन क्रैश टेस्ट में इसका प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा। इसे सिर्फ 1 स्टार रेटिंग मिली। खासतौर पर साइड इम्पैक्ट और बच्चों की सुरक्षा के मामले में इसे कम अंक दिए गए। इससे साफ है कि केवल भारी और मजबूत दिखने वाली गाड़ी ही सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं।
नई कार खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान?
विशेषज्ञों का कहना है कि अब ग्राहकों को सिर्फ कीमत और माइलेज देखकर कार नहीं खरीदनी चाहिए। कार में कम से कम 6 एयरबैग्स, ABS, ESC, मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर और अच्छी क्रैश टेस्ट रेटिंग होना जरूरी है। आज बाजार में कई ऐसी कारें मौजूद हैं जिन्हें 4 और 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली हुई है। ऐसे में थोड़ी ज्यादा कीमत देकर सुरक्षित कार खरीदना परिवार की सुरक्षा के लिहाज से बेहतर फैसला हो सकता है।
सेफ्टी से समझौता पड़ सकता है भारी
भारत में सड़क हादसे तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में खराब सेफ्टी रेटिंग वाली कारें परिवार के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। इसलिए नई कार खरीदने से पहले उसकी Global NCAP या Bharat NCAP रेटिंग जरूर जांच लें। क्योंकि एक मजबूत और सुरक्षित कार सिर्फ सफर को आरामदायक नहीं बनाती, बल्कि मुश्किल समय में आपकी और आपके परिवार की जान भी बचा सकती है।


